Telegram app: टेलीग्राम कैसे बना डिजिटल हथियार बड़ी दिलचस्प है यह कहानी

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Telegram app: साल 2013 में लांच हुए टेलीग्राम एप्प को पहले साल दुनिया भर में सिर्फ 1 लाख लोग इस्तेमाल करते थे। मगर वर्तमान में इसके 90 करोड़ से अधिक यूजर्स हैं। दुनिया के 10 टॉप एप्प में इसका नाम शुमार है। दैनिक हिंदुस्तान ने नेटब्लॉक की रिपोर्ट के हवाले बताया है कि स्पेन, नार्वे के साथ बेलारूस ने एप्प के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा रखा है। थाइलैंड में साल 2020 से इसके इस्तेमाल पर रोक है।

Telegram app पर साजिशेंः

दिल्ली के रोहिणी में सीआरपीएफ स्कूल के बाहर हुए धमाके के मामले में टेलीग्राम एप्प पर ही ग्रुप में जिम्मेवारी ली गई। इसी तरह अमेरिका में चुनावी माहौल के बीच आतंकी घटना की साजिश रचने में अफगानी नागरिक नासिर अहमद को गिरफ्तार किया गया था। नासिर टेलीग्राम से धमाके की योजना बना रहा था। 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमले का वीडियो हमास ने इसी एप्प पर डाला है।

कहां कितने उपयोगकर्ताः

एप्प के उपयोगकर्ताओं की संख्या के हिसाब से बात करें तो भारत में इसके 10.4 करोड़, रूस में 3.44 करोड़, इंडोनेशिया में 2.72 करोड़, अमेरिका में 2.69 करोड़ और ब्राजील में 2.19 करोड़ यूजर्स हैं। 31 देशों ने 2015 के बाद एप्प के इस्तेमाल पर रोक लगाई है। 40 लाख टेलीग्राम उपयोगकर्ता विशेष सेवा के लिए टेलीग्राम को पैसा चुकाते हैं।

आतंकी ऐसे कर रहे इस्तेमालः

आतंकी घटनाओं को अंजाम देने का पूरा ब्लू प्रिंट बना रहे। आशांति के लिए एप्प से समन्वय स्थापित कर रहे हैं संगठन। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हथियारों की तस्करी के लिए इसको जरिया बनाया जा रहा। यह भी आरोप है कि इस एप्प से गैरकानूनी ढंग से ब्लैक मनी एकत्र किया जा रहा है। यही नहीं इस एप्प का इस्तेमाल गोपनीय सूचनाओं को भेजने में भी किया जा रहा है।

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