प्यार का वादा, पैसों की ठगी: कैसे महिलाओं को फंसाता था साइबर अपराधी

शादी का सपना दिखाकर महिलाओं से पैसे ऐंठने वाला साइबर ठग आखिरकार पुलिस के जाल में फंस गया। Shaadi.com और Instagram के जरिए रची गई इस ठगी की पूरी कहानी पढ़िए।
“शादी का झांसा, डिजिटल ठगी का खेल”
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प्यार, भरोसा और शादी का सपना… यही तीन हथियार थे जिनसे एक शातिर साइबर ठग महिलाओं को फंसाता रहा। लेकिन उत्तर-पश्चिम जिला साइबर पुलिस की तकनीकी और जमीनी जांच ने इस डिजिटल जाल को तोड़ दिया। मामला न सिर्फ एक गिरफ्तारी का है, बल्कि यह हर उस व्यक्ति के लिए चेतावनी है जो ऑनलाइन रिश्तों पर आंख मूंदकर भरोसा करता है।

मामला क्या है

थाना साइबर/उत्तर-पश्चिम में शालीमार बाग निवासी महिला ने शिकायत दी कि शादी का झांसा देकर उससे ₹86,500 की ठगी की गई। पैसे लेने के बाद आरोपी ने जानबूझकर कॉल उठाना बंद कर दिया।

जांच कैसे आगे बढ़ी

नार्थ वेस्ट जिला पुलिस के एडिशनल सीपी भीष्म सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए निरीक्षक दिनेश दहिया के नेतृत्व में उप निरीक्षक आर.एन. आशांग, हेड कांस्टेबल अमित, सोहन और संदीप की टीम बनाई गई। टीम की निगरानी एसीपी राजीव कुमार कर रहे थे।

पुलिस ने Shaadi.com और Instagram से जुड़े डिजिटल इनपुट्स जुटाए। बैंक ट्रांजैक्शन, UPI पैटर्न और मोबाइल लोकेशन एनालिसिस से आरोपी की गतिविधियों को ट्रैक किया गया।

तकनीकी विश्लेषण से आरोपी डैशमीत सिंह की पहचान हो गई। वह एक कंपनी में डिस्पैच मैनेजर है। जांच में पता चला कि आरोपी पहले जनकपुरी (दिल्ली) में था और बाद में राजपुरा, पंजाब चला गया।

लगातार तकनीकी निगरानी और फील्डवर्क के बाद उसे राजपुरा, पंजाब से गिरफ्तार कर लिया गया।

क्यों यह मामला अहम है

यह केस सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं बल्कि एक चेतावनी है। ऑनलाइन रिश्तों में भावनाओं से पहले सावधानी जरूरी है। कोई भी व्यक्ति जो बहुत जल्दी भरोसा जीतने की कोशिश करे और पैसों की बात करे, वह खतरे का संकेत हो सकता है।

कैसे बचें ऐसे साइबर जाल से

• ऑनलाइन मिलने वाले व्यक्ति को तुरंत पैसे न भेजें
• उसकी पहचान स्वतंत्र रूप से सत्यापित करें
• बहुत जल्दी भावनात्मक दबाव बनाए तो सतर्क हो जाएं
• किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन http://cybercrime.gov.in और 1930 पर संपर्क करें

निष्कर्ष

डिजिटल दुनिया में रिश्ते बन सकते हैं, लेकिन ठगी भी उतनी ही तेजी से होती है। यह मामला याद दिलाता है कि प्यार के नाम पर ठगी अब एक संगठित साइबर अपराध बन चुकी है। सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।

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