सैंट्रो वाले यह बदमाश कार में बिठाकर करते थे यह काम

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। दिल्ली पुलिस(DelhiPolice) की क्राइम ब्रांच ने सैंट्रो कार (santro Car) में
अगवा कर लूटपाट करने वाले गैंग के एक बदमाश को गिरफ्तार किया है। इस गैंग को दुलारे गैंग के
नाम से जाना जाता है। गैंग के बदमाश तड़के सार्वजनिक परिवहन का इंतजार कर रहे यात्रियों को
निशाना बनाते थे।
क्राइम ब्रांच के डीसीपी भिष्म सिंह (Bhism singh) के मुताबिक पकड़े गए बदमाश की पहचान कृषणा
उर्फ किशन के रूप में हुई है। सैंट्रो कार में अगवा कर लूटपाट करने वाला यह गैंग(gang) अब तक
100 लोगों के साथ लूटपाट कर चुका है। गिरफ्तार बदमाश रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स(Rpf) के सिपाही के
साथ हुई लूटपाट में शामिल था।

सैंट्रो कार की सवारी पड़ी मंह्गी
मुंबई में तैनात आरपीएफ सिपाही रविन्द्र 10 फरवरी को अपने मूल शहर मेरठ जा रहा था। सुबह करीब 5 बजे वह निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर उतरा और आनंद विहार बसअड्डे (ISBT) पर मेरठ के लिए बस पकड़ने पहुंचा।आईएसबीटी पर गैंग के दो लोग उसके साथ हो लिए। उन्होंने उसे खुद भी मेरठ जाने वाला यात्री बताया औऱ उसे अहसास दिलाया कि वह भी बस का इंतजार कर रहे हैं।  इसी बीच गैंग के दूसरे सदस्य सैंट्रो कार लेकर आए औऱ रविन्द्र को साथ चलने का लालच दिया। कम किराए औऱ जल्दी पहुंचने के चक्कर में रविन्द्र सैंट्रो कार में सवार हो गया। बदमाश उसे कार में दिल्ली की सड़को पर घुमाते रहे और उसके साथ मारपीट कर नकदी, डेबिट कार्ड औऱ फोन सब लूट लिया। सुबह 5 बजे से रात नौ बजे तक उसे अगवा किए रखा। उसके एटीएम कार्ड से बदमाशों ने रोहिणी में जेवरात भी खरीदे।  वहीं किसी तरह रविन्द्र उनके चंगुल से फरार होने में कामयाब हो गया। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
सैंट्रो कार गैंग का सुराग

19 सितंबर को क्राइम ब्रांच की स्टार-II में तैनात एएसआई सुभाष चंद को सूचना मिली कि दुलारे गैंग का एक बदमाश  दिल्ली के हैदरपुर में रह रहा है। सूचना के आधार पर एसीपी अरविंद कुमार की देखरेख में इंस्पेक्टर दिनेश कुमार के नेतृत्व में एस आई अरूण सिंधु, एएसआई सुभाष, चंदर प्रकाश, ओम प्रकाश, प्रमोद, हेडकांस्टेबल दिनेश सिंह, गौरव त्यागी, रविन्द्र सिंह, कांस्टेबल नितेश और सचिन की टीम ने कृष्णा को गिरफ्तार कर लिया। उसने आरपीएफ कांस्टेबल के साथ लूटपाट के मामले में लिप्त होने की बात स्वीकार कर ली।

सैंट्रो कार में करते थे इस तरह अगवा

पूछताछ में पता लगा कि दुलारे गैंग के बदमाश सुबह सुबह मुंह अंधेरे लूटपाट करते थे। इनके निशाने पर बस स्टैंड आदि पर अकेले सवारी का इंतजार कर रहे यात्री होते थे। वह अब तक 100 से ज्यादा लोगों को शिकार बना चुके हैं। गैंग का सरगना दुलारे उर्फ दिलावर है। कार वही चलाया करता है। गैंग के दूसरे सदस्य कार में सवारी की तरह बैठ जाते हैं। अकेले खड़े यात्री को कार की सवारी का लालच देने के बाद वह उसे अगवा कर लेते थे। इस मामले में दुलारे और उसके तीन साथियों को क्राइम ब्रांच की इसी टीम ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।

 

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