Raebareli Lok Sabha-राहुल गांधी के रायबरेली से चुनाव लड़ने की बात होते ही रायबरेली लोकसभा चुनाव 2014 का हॉट केक बन गया है। रायबरेली से कांग्रेस ने अपने पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को चुनाव मैदान में उतारा है। इस सीट पर पांचवे चरण में 20 मई को वोटिंग होनी है। नामांकन के आखिरी दिन राहुल गांधी के नाम का ऐलान किया गया। आइए जानते हैं रायबरेली की राजनीति की चंद अहम बातें।
Raebareli Lok Sabha-क्या है महत्व रायबरेली का
रायबरेली सीट से फिलहाल सोनिया गांधी सांसद हैं। 2019 लोकसभा चुनाव में यूपी से कांग्रेस ने सिर्फ यही एकमात्र सीट जीती थी। लोकसभा चुनाव 2024 में राहुल गांधी के सामने यूपी में गांधी परिवार का अंतिम किला बचाने की चुनौती होगी। इस बार कांग्रेस का सपा के साथ गठबंधन है इसलिए पार्टी रायबरेली में बड़ी जीत मिलने की उम्मीद कर रही है।
रायबरेली सीट पर भाजपा ने कांग्रेस से ही आए दिनेश प्रताप सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। वे योगी सरकार में मंत्री भी हैं। 2019 लोकसभा चुनाव के ठीक पहले दिनेश कांग्रेस का साथ छोड़कर बीजेपी में आए थे। 2019 में भी सोनिया गांधी के खिलाफ बीजेपी ने उन्हीं को अपना उम्मीदवार बनाया था। रायबरेली में 11 प्रतिशत ब्राह्मण, करीब 9 प्रतिशत राजपूत, 7 प्रतिशत यादव वर्ग के मतदाता हैं। यहां दलित वोटरों की संख्या सर्वाधिक है।
यहां 34 प्रतिशत दलित वोटर, 6 फीसदी मुस्लिम, लोध 6 प्रतिशत, कुर्मी 4 प्रतिशत के करीब हैं अन्य जाति के वोटरों की संख्या 23 फीसदी होने की उम्मीद है। यह सीट 1957 से आम चुनाव के आस्तित्व में है। 1951-52 के पहले चुनाव में प्रतापगढ़ और रायबरेली को मिलाकर एक सीट हुआ करती थी। तब इंदिरा गांधी के पति फिरोजगांधी यहां से निर्वाचित सांसद हुए थे।
पत्रकार से राजनेता बने फिरजोगांधी की मौत के बाद रिक्त हुई रायबरेली की सीट के लिए 1960 में उपचुनाव हुआ। इस उपचुनाव और 1962 के उपचुनाव में यहां से नेहरू-गांधी परिवार का कोई सदस्य चुनाव में नहीं उतरा। 1964 में इंदिरा गांधी ने राज्यसभा से डेब्यू करने के बाद रायबरेली से ही राजनीति का आगाज किया। यहां से 2004-19 तक सोनिया गांधी सांसद रही हैं।
पढ़ने योग्य
- बाबा ने कहा ‘धनवर्षा होगी’, लड्डू खिलाए और कार में छोड़ गया तीन लाशें
- नींद में मिलेगा आपके मुश्किल सवाल का जवाब जानिए कैसे
- सुप्रीम कोर्ट ने साइबर ठगी को ‘डकैती’ क्यों कहा? डिजिटल अरेस्ट स्कैम की पूरी कहानी
- घूसखोर पंडित पर कोर्ट में Netflix ने क्या कहा
- भारत में साइबर सुरक्षा क्यों चुनौती बनती जा रही है: डेटा संरक्षण कानून और DoT की भूमिका












