One Nation One Ration Card अब बीस राज्यों तक

one nation one ration

[responsivevoice_button voice=”Hindi male” buttontext=”Listen to Post”]

देश में One Nation ,One Ration Card की सुविधा 4 राज्यों में राशन कार्डों की अंतर-राज्यीय पोर्टेबिलिटी के साथ अगस्त, 2019 में शुरू की गई थी। तब से कुल 20 राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों को निर्बाध राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी समूह में शामिल किया गया है जो जून 2020 से प्रभावी है। इस प्रकार, यह सुविधा अभी 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के एनएफएसए कार्ड धारकों को मिल रही है। ये 20 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश- आंध्र प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, सिक्किम, मिजोरम, तेलंगाना, केरल, पंजाब, त्रिपुरा, बिहार, गोवा, हिमाचल प्रदेश, दादरा तथा नागर हवेली, दमन तथा दीव, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान हैं।


अब चार और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों- जम्मू और कश्मीर, मणिपुर, नगालैंड और उत्तराखंड में बहुत जल्द ही One Nation , One Ration Card तहत राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी की सुविधा देने के लिए जांच और परीक्षण का काम पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा, अंतर्राज्यीय लेनदेन के लिए आवश्यक वेब-सेवाएं और केंद्रीय डैशबोर्ड के जरिए उनकी निगरानी भी इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए सक्रिय हो गई हैं। शेष सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को मार्च 2021 से पहले इस योजना में शामिल कर लिए जाने का लक्ष्य रखा गया है।


One Nation , One Ration Card की सुविधा एक महत्वाकांक्षी योजना है। यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए), 2013 के तहत शामिल सभी लाभार्थियों के खाद्य सुरक्षा अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग का प्रयास है चाहे वे देश के किसी भी हिस्से में रहें। ऐसा सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से ‘सार्वजनिक वितरण प्रणाली के एकीकृत प्रबंधन (आईएम-पीडीएस)’ पर चल रही केंद्रीय योजना के तहत राशन कार्डों की देशव्यापी पोर्टेबिलिटी को लागू करके किया जा रहा है।


इस प्रणाली के माध्यम से, वैसे प्रवासी एनएफएसए लाभार्थी जो अक्सर अस्थायी रोजगार इत्यादि की तलाश में अपना निवास स्थान बदलते रहते हैं, को अब किसी अपनी पंसद की किसी भी उचित मूल्य की दुकान (एफपीएस) से अपने खाद्यान्न का कोटा उठाने का विकल्प दिया गया है। ऐसा एफपीएस में स्थापित इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (ईपीओएस) डिवाइस पर बायोमेट्रिक/ आधार आधारित प्रमाणीकरण के साथ अपने मौजूदा ration card का उपयोग करके किया जा सकता है।


इस प्रकार, एफपीएस पर ईपीओएस उपकरणों की स्थापना और बायोमेट्रिक/आधार प्रमाणीकरण के लिए लाभार्थियों की आधार संख्या इस प्रणाली के मुख्य संवाहक हैं। लाभार्थी देश में किसी भी एफपीएस डीलर को राशन कार्ड नंबर या आधार नंबर बताकर इस सुविधा का लाभ ले सकता है। परिवार का कोई भी व्यक्ति जिसकी राशन कार्ड में आधार संख्या अंकित है, वह प्रमाणीकरण कराकर राशन उठा सकता है। इस सुविधा का लाभ पाने के लिए राशन डीलर को राशन कार्ड या आधार कार्ड दिखाने या इन्हें अपने साथ ले जाने की कोई आवश्यकता नहीं है। लाभार्थी अपने फिंगर प्रिंट या आईरिस आधारित पहचान का उपयोग करके अपना आधार प्रमाणीकरण कर सकता है।

Picture of Alok Verma
Alok Verma
a senior journalist with a 25 years experience of print, electronics and digital. worked with dainik jagran, news18india, R,bharat, zee news

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | Telegram Scam Toolkit: ₹2,000 में बिक रही Fraud-as-a-Service टूलकिट, AI की मदद से बढ़ रहा साइबर अपराध | पहाड़गंज मार्केट में बादशाहत की लड़ाई: दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से समझिए बिल्डरों को कैसे बनाया जाता है निशाना | जीवन में खुश कैसे रहें? संतोष, दान और सकारात्मक सोच का सरल मंत्र | बच्चों की सुरक्षा के लिए दिल्ली के सभी स्कूलों में नई व्यवस्था, जानिए कैसे काम करेगी पूरी प्रणाली | भारत में क्रिप्टोकरेंसी लीगल है या नहीं? RBI की आपत्ति, नियम और निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी | Delhi Metro Stalking Case: CISF Helpline 155655 से कैसे पकड़ा गया पीछा करने वाला युवक? | क्या ई-रिक्शा की बैटरी भी साइबर हमले का शिकार हो सकती है? जानिए पूरी सच्चाई | दिल्ली मेट्रो सुरक्षा में नया अध्याय, CISF की QRT में शामिल हुईं 22 महिला कमांडो | AI Hallucination क्या है? AI की हर जानकारी पर भरोसा करना क्यों खतरनाक हो सकता है | जीवन का सच्चा धर्म क्या है? पुरुष के कर्तव्य, गुरु भक्ति, गौ सेवा और संतोष का आध्यात्मिक संदेश |
08-07-2026