जिगोलो बनाने के लिए कॉल आए तो हो जाएं सावधान कहीं लेने के देने ना पड़ जाएं जानिए पूरी बात

जिगोलो की नौकरी दिलाने की लालच वाले कॉल से सावधान रहिएगा। कुछ ठगो ने जिगोलो बनाने का लालच देकर जोब पर हाथ साफ करने का रैकेट चला लिया है। दिल्ली की साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन बाहरी उत्तर जिला बवाना द्वारा  “इंडियन जिगोलो” के नाम से चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किय गया है। फर्जी कॉल सेंटर  मालिक ने  जिगोलो  के नाम पर लाखों रुपये ठगने की साजिश रची और 50 से ज्यादा लोगों को जिगोलो के नाम पर अपना निशाना बनाया। इस सिलसिले में काॉल सेटर मालिक को गिरफ्तार किया गया है औऱ 8 महिलाओं को नोटिस भी दिया गया है।

नार्थ आउटर दिल्ली के डीसीपी बृजेन्द्र यादव के मुताबिक समयपुर बादली निवासी सुमित की शिकायत एनसीआरपी पोर्टल पर प्राप्त शिकायत पर साइबर थाने में मामला दर्प्राज किया गय़ा था। सुमित ने आरोप लगाया कि उनके साथ 70000/- रुपये की धोखाधड़ी की गई है। उन्हें कॉल बॉय/ जिगोलो की नौकरी की पेशकश की गई थी, जालसाज ने जिगोलो, बुकिंग व एडवांस आदि के नाम पर शिकायतकर्ता से रजिस्ट्रेशन के नाम पर ठगी की। 

अपराध की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस उपायुक्त बृजेंद्र कुमार यादव ने एसीपी रिछपाल सिंह की देखरेख और साइबर क्राइम थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रमण रमण कुमार सिंह की अगुआई मे एसआई सोमवीर, एसआई दामोदर, एसआई आशा दलाल, एसआई सत्येंदर, एसआई विशाल चौधरी, एचसी संजीत, एचसी मनोज, एचसी बलराज, एचसी दलीप, एचसी प्रमिला, आरक्षी ईश्वर, विकास, संजय और रिंको की टीम बनाई।

    जांच के दौरान यह पाया गया कि लाभार्थी द्वारा PAYTM खाते का उपयोग धोखाधड़ी के पैसे प्राप्त करने के लिए किया गया था। अकाउंट को ट्रैक किया गया और तकनीकी निगरानी बढ़ा कर टीम ने सदिग्ध लोकेशन  सेक्टर -1 अवंतिका, रोहिणी, दिल्ली, पर छापा मारा। जहां एक फर्जी कॉल सेंटर यौन शक्ति बढ़ाने वाली गोलियां और स्प्रे बेचने के लिए चल रहा था और इसकी आड़ में लोगों को जिगोलो सेवा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जा  रहा था। आरोपी मेहताब ने 08 महिलाओं को कॉल करने के लिए नियुक्त किया था और जस्ट डायल पर और अश्लील वेबसाइटों पर विज्ञापन भी दिये थे ।

कॉल करने वाली महिला रैंडम नंबरों पर कॉल करती थीं और एक बार जाल में फंसे लोगों से यौन शक्ति बढ़ाने के लिए कुछ दवा लेने के लिए भी कहती थीं। यदि कोई दावा करता है कि उसकी योन शक्ति भरपूर  है और उन्हें ऐसी किसी भी दवा की आवश्यकता नहीं है, तो तुरंत लड़कियां उन्हें जिगोलो सेवा में शामिल होने के लिए अच्छा पारिश्रमिक देने के लिए कहती थीं और उसके बाद पंजीकरण के नाम पर, बुकिंग और अग्रिम आदि के नाम पर ठगी की जाती  थी। ऐसे शिकार को कोड भाषा में पीच कहा जाता था। मेहताब जुलाई 2021 से इस फर्जी कॉल सेंटर को चला रहा है, जिससे पूरे भारत में कई लोगों को ठगा जा रहा था ।
कॉल करने वाली महिलाएँ एक दिन में लगभग 500 नंबरों पर रैंडम कॉल करती थीं, जिसमें 50-100 कॉल लग जाते थे । अच्छे  पारिश्रमिक के लिए वे 10 से 20 लोगों को जिगोलो बनने के लिए राजी कर लेते थे। इसके बाद वे उन लोगों को पंजीकरण, बुकिंग राशि, सुरक्षा अग्रिम आदि के नाम पर ठगते थे। पीड़ितों को ठगने के बाद वे उनके नंबरों को ब्लैकलिस्ट कर देते थे। 

मेहताब दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक है। उसने दिल्ली विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान अपनी पढ़ाई छोड़ दी और खुद को यूपीएससी परीक्षाओं की तैयारी में लगा दिया और कुछ कॉल सेंटरों में काम किया। इसके बाद उन्होंने यौन शक्ति बढ़ाने वाली गोली बेचने और “कार्य सुख पावर” स्प्रे करने के विचार के साथ एक फर्जी कॉल सेंटर चलाने की योजना बनाई।

Support India Vistar

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | CyMAC क्या है: साइबर हमले पर पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां कैसे करेंगी साझा कार्रवाई | दिल्ली मेट्रो सुरक्षा व्यवस्था कैसे काम करती है, DG CISF ने जांचीं तैयारियां | 15 मीटर स्लीपर बस में क्या है खास, 42 बर्थ के साथ लंबी यात्रा होगी अधिक आरामदायक | Aadhaar VID कैसे बनाएं? मोबाइल से 6 चरणों में निकालें 16 अंकों की Virtual ID | पश्चिम बंगाल साइबर फ्रॉड रैकेट कैसे काम करता था, ऑपरेशन साइबर प्रहार से समझिए ठगी का पूरा नेटवर्क | रक्षाबंधन पर देशभर के बाजारों में रौनक, जानिए कौन सी राखियों की मांग | नक्सलवाद से ISI नेटवर्क तक, अमित शाह की रणनीति का असर ? आंकड़े बताते हैं आंतरिक सुरक्षा की बदली तस्वीर | I4C साइबर अपराध पर कैसे भारी पड़ रहा है? जानिए पुलिस और आम लोगों के लिए कैसे काम करता है यह सिस्टम | Cyber Fraud का नया मॉडल: AI कैसे बदल रहा है ऑनलाइन ठगी का तरीका | मोबाइल कनेक्शन का नया नियम क्या है? मोबाइल कनेक्शन की सीमा क्या है और अपने नाम पर कितने SIM हैं, यह जानना क्यों जरूरी है? |
28-08-2026