गैंगस्टर लारेंस विश्नोई की वसूली रैकेट का पूरा लेखा जोखा यहां

लॉरेंस बिश्नोई और उसके गैंग के गुर्गों से पिछले 3 महीने में जो पूछताछ की गई है उसमें कई चौकानेवाले खुलासे सामने आए हैं। लॉरेंस बिश्नोई अनिल छिप्पी और काला जठेड़ी से जांच एजेंसी और ज्यादा पूछताछ करना चाहती हैं ताकि गैंगस्टरों के वसूली के इस रैकेट की तह तक पता लगाया जा सके।

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गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई और उसके गैंग के गुर्गों से पिछले 3 महीने में जो पूछताछ की गई है उसमें कई चौकानेवाले खुलासे सामने आए हैं। लॉरेंस बिश्नोई अनिल छिप्पी और काला जठेड़ी से जांच एजेंसी और ज्यादा पूछताछ करना चाहती हैं ताकि गैंगस्टरों के वसूली के इस रैकेट की तह तक पता लगाया जा सके। पिछले 3 महीने की पूछताछ का लेखा-जोखा यह है कि लारेंस और उसका गैंग इस तरीके से ऑपरेट करता था ताकि आम जनता के मन में एक खौफ पैदा हो.. लोग वही करें जो लॉरेंस का गैंग चाहे जांच एजेंसियों की यह पूरी की पूरी पूछताछ का लब्बो लबाब यही है जो कि कोर्ट में सौंपा गया है।

देश के एक हिस्से में बैठकर दूसरे हिस्से में गंभीर से गंभीर अपराध को अंजाम देना ऐसे गैंगस्टर का प्रमुख काम करने का तरीका था महाराष्ट्र में हुए 65 लाख की लूट का मामला जांच एजेंसियों ने अपनी चार्जशीट में जिक्र किया है।

लॉरेंस और उस जैसे गैंगस्टर के हथियार नेटवर्क के भी बारे में जांच एजेंसियों ने पूरा ब्यौरा तैयार किया है.. ऐसे ही खुर्जा के पास दो करोड़ के हथियार खरीद का जिक्र है।

जांच एजेंसी ने बकायदा उन लोगों की पहचान की जिससे लॉरेंस और उसके गैंग ने पैसा उगाही का धंधा शुरू किया था। यह लोग आम इंसान थे, बिजनेसमैन सिंगर डॉक्टर अवैध माइनिंग करने वाले शराब का धंधा करने वाले हथियार का धंधा करने वाले और ड्रग नेटवर्क चलाने वाले।

पंजाब में गैंगस्टरों के उगाही धंधे से पैसों से एक ओर तो हथियार खरीदा जाता है और दूसरी ओर हवाला के जरिए विदेश में बैठे उनके सहयोगियों को यह रकम पहुंचाई जाती है।

उगाही का धंधा 3 तरीके से काम करता है पहला हर महीने इन गैंगस्टर के टारगेट को पैसा देना होता है, दूसरा एक साथ इनके टारगेट को पैसा देना तीसरा कुछ किश्तो में पैसा देना.. यह रकम 1 लाख से लेकर 50 लाख तक की है

जांच एजेंसियों के मुताबिक हरियाणा पंजाब चंडीगढ़ दिल्ली राजस्थान गुजरात दिल्ली में इन लोगों ने अलग-अलग लोगों को निशाना बनाया था.. शराब के अवैध ठेकों से सोनीपत और आसपास के इलाकों में शुरू हुआ इनका व्यापार धीमे धीमे करीब आधा दर्जन राज्यों में फैल गया

जांच एजेंसियों ने गैंगस्टर ओके वसूली के धंधे की जब गहराई से तफ्तीश की तो यह भी पता चला यह वसूली सट्टेबाजों फाइनेंसर दर्जी मॉल ओनर क्रशर कारोबारी और प्रॉपर्टी डीलर तक से की जाती थी।

लौरेंस और उसके गैंगस्टर ओके कच्चा चिट्ठा का राज 75 मोबाइल फोन में छुपा हुआ है जो पिछले 3 महीने में जांच एजेंसियों ने अलग-अलग गैंगस्टरों के यहां छापेमारी के दौरान जब्त किए हैं।

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