दिल्ली में मकोका केस के तहत पहली सजा का केस, कैदी पेरोल पर हो गया था फरार पढ़ें पूरी कहानी, वीडियो भी देखें

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार।  दिल्ली के पहले मकोका केस की सजा प्राप्त जालसाज पेरोल पर फरार था। दिसंबर से

ही फरार हुए इस शख्स को दिल्ली पुलिस (DelhiPolice) की स्पेशल सेल ने मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया है।

एसीपी अत्तर सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर शिवकुमार और कर्ववीर सिंह की टीम के हाथो गिरफ्तार इस जालसाज

की पहचान हर्षद उर्फ आलम के रूप में हुई है।

कौन है हर्षद आलम

हर्षद आलम को मकोका के तहत 20 साल की सजा हुई है। दिल्ली के पहले मकोका केस की सजा हर्षद को ही

मिली थी। 14 मई 2019 को पटियाला हाउस कोर्ट से सजा मिली थी। उसे 3 दिसंबर 2019 को हाई कोर्ट ने 7 दिन

का पेरोल दिया। लेकिन उसके बाद से ही वह फरार था।

इसलिए मिली थी मकोका के तहत दिल्ली में पहली सजा

हर्षद आलम विपिन शर्मा नामक शख्स के क्राइम सिंडिकेट का हिस्सा था।  6 लोगों का यह सिंडिकेट दिल्ली के

लाजपत नगर में आर्यन हॉलीडे के नाम से ट्रैवल एजेंसी चलाता था। इस एजेंसी से हरियाणा, दिल्ली औऱ पंजाब के

लोगों को  विदेश भेजने का काम होता था। हर्ष आलम औऱ उसके साथियों ने कनाडा न्यूजीलैंड आदि में फर्जी वीजा

के आधार पर यह लोगों को भेज रहे थे। इस धंधे में इन्होंने खूब कमाया। गिरफ्तारी के समय इस गैंग से दर्जनो

पासपोर्ट आदि मिले थे। स्पेशल सेल ने 2009 में इनके खिलाफ मकोका के तहत केस दर्ज किया।

ऐसे मिली सजा

एएसजे राकेश स्याल की कोर्ट ने सभी 6 लोगों को मकोका के तहत दोषी पाया। उन पर 3.25 करोड़ रूपये काजुर्माना किया गया। इस जुर्माने में से 33,80,000 की रकम को 11 पीडितो में बांटने का आदेश हुआ। 6 लोगो का यह सिंडिकेट   हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के 31 मामलो में लिप्त था।

देखें वीडियो-

 

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25-08-2026