सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से एक खबर तेजी से वायरल हो रही है। इस खबर में बताया गया है कि सरकार बिहार औऱ बंगाल के कुछ हिस्सों को काटकर नया केंद्रशासित प्रदेश(union territory) बनाने पर विचार कर रही है। सरकारी एजेंसी PIB Fact Check ने इस दावे की पड़ताल के बाद इसे भ्रामक बताया है।
क्या था वायरल दावा
वायरल खबर में दावा किया जा रहा था कि सरकार ने बिहार के किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार औऱ बंगाल के कुछ उत्तरी हिस्सों को काटकर एक नया केंद्रशासित प्रदेश बनाने का फैसला किया है। वायरल मैसेज के पक्ष में तर्क दिया जा रहा था कि ‘चिकेन नेक’ (Siliguri corridor) की सुरक्षा और जनसांख्किय बदलाव को देखते हुए सरकार यह बड़ा कदम उठा सकती है।
PIB fact check का अधिकारिक खंडन
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रेस सूचना ब्यूरो(PIB) की fact check यूनिट ने इस खबर की जांच की।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार के पास बिहार या पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्से काटकर नया केंद्रशासित प्रदेश बनाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सरकार ने इस खबर को पूरी तरह फर्जी और आधारहीन करार दिया है।
सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि वह इस तरह की भ्रामक खबरों से बचें और बिना किसी जांच के इस तरह की खबरों को शेयर, प्रसारित ना करें।
साफ हो गया है कि राज्यों के पुर्नगठन या नए केंद्रशासित प्रदेश बनाने की बात अफवाह मात्र है। सरकार ने अधिकारिक तौर पर ऐसे किसी भी योजना से इंकार किया है। http://indiavistar.com के पाठकों को भी सलाह दी जाती है कि वह केवल अधिकारिक फ्लेटफार्म से मिली जानकारी को ही सही समझें।
वर्तमान माहौल में झूठी और भ्रामक खबरें तेजी से फैलती हैं इसलिए किसी भी बड़ी जानकारी को पुष्ट करने से पहले किसी को साझा करने से बचना चाहिए।







