दिल्ली पुलिस ने ड्रग तस्करी के आरोप में एक दंपत्ति को गिरफ्तार कर करीब साढ़े सात करोड़ की हेरोइन बरामद की है। गिरफ्तार पति ग्रेजुएट है। तस्करी के लिए वह टैक्सी नंबर की वैगन आर इस्तेमाल करता था। पत्नी उसके साथ होती थी ताकि पुलिस को परिवार होने का भ्रम हो। पूछताछ में इनसे कई खुलासे हुए हैं।
दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई में ऐसे पकड़े गए तस्कर
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजीव यादव के मुताबिक एक सीक्रेट जानकारी मिली थी कि आरिफ नामक शख्स भारी मात्रा में नशीले पदार्थ की खेप लेकर लोनी और गाजियाबाद, दिल्ली के हिस्सो में तस्करी करता है।
सूचना थी कि आरिफ तस्करी के लिए टैक्सी नंबर की वैगन आर इस्तेमाल करता है। जानकारी के आधार पर एसीपी सत्येंद्र मोहन की निगरानी और इंस्पेक्टर विकास पन्नू के नेतृत्व में SI गौरव, HC अमित, HC अनुज, HC नवीन, HC परवीन, W/HC नीतू और Ct हरीश की एक ऑपरेशनल टीम ने तुरंत जाल बिछाकर नार्को अपराधियों को पकड़ने के लिए काम शुरू किया।
भोपुरा बार्डर पर जाल बिछाकर पुलिस टीम ने वैगन आर में सवार आरिफ खान और उसकी पत्नी शिखा अली को गिरफ्तार किया। उनके पास से 303 ग्राम और कार की पिछली सीट से पुलिस को 1007 ग्राम हेरोइन बरामद हुआ।
इनसे पूछताछ के बाद पुलिस ने सप्लायर के ठिकानों पर बरेली में छापेमारी की। पूछताछ में सप्लायर राहिल के बारे में पता लगा था। आरिफ पहले राहिल से खेप लेता था जिसे वह भलस्वा डेरी निवासी जुम्मन को सप्लाई करता था।
इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर जुम्मन को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके घर से भी पुलिस को 194 ग्राम हेरोइन की बरामदगी हुई।
पुलिस के मुताबि आरिफ ग्रेजुएट है। वह लोनी, गाजियाबाद का परमानेंट निवासी है और अपने माता-पिता की मौत के बाद, वह अपनी पत्नी और ससुराल वालों के साथ नारायणा गांव में रह रहा है। उसने गाजीपुर के मुर्गा मार्केट में एक दुकान में अकाउंटेंट का काम करना शुरू किया।
2018 में उसने शिखा अली से शादी की और इस शादी से उनका एक 6 साल का बेटा है। कोविड के दौरान आरिफ की नौकरी चली गई और उसके बाद उसकी कमाई भी ठीक नहीं थी। इसके बाद उसने एक वैगनआर कार खरीदी और टैक्सी सर्विस शुरू की। इस बीच, वह बरेली के किंगपिन के संपर्क में आया। वह उससे बरेली, यूपी से तस्करी की स्मैक खरीदता था और अपने घर पर
आरिफ की पत्नी शिखा अली वह गैर-कानूनी काम के बारे में आरिफ के साथ मिली हुई थी। वह ट्रांसपोर्टेशन के दौरान अपने पति के साथ थी ताकि लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों को शक न हो या वे गाड़ी को न रोकें, यह सोचकर कि यह एक साथ सफर कर रहा परिवार है।
इसी तरह जुम्मन पेशे से इलेक्ट्रीशियन है। अपनी शादी के बाद, उसे पता चला कि उसके ससुराल वालों के पड़ोसी कॉन्ट्राबैंड हेरोइन बेचने का काम करते हैं। उसने उससे हेरोइन की सेल और परचेज़ के बारे में कुछ टिप्स लिए और बाद में बरेली के सप्लायर्स के कॉन्टैक्ट में आया और आरिफ के ज़रिए हेरोइन खरीदना शुरू कर दिया। फिर वह पुड़िया (छोटे पैकेट) बनाकर रेलवे लाइन के पास बेचता था।









