delhi crime: दुबई से फर्जी शेयर बाजार निवेश का फ्राड, देश भर में फैला जाल, दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 11 को किया गिरफ्तार

delhi crime

delhi crime: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है जिसके संचालक दुबई से पूरा रैकेट संचालित कर रहे थे। इन का जाल देश भर के कई राज्यों में फैला था। इस मामले में एक्सिस बैंक के एक कर्मचारी और पीओएस डीलर सहित 11 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। मुंबई, सूरत और अहमदाबाद में क्राइम ब्रांच की छापेमारी ने इंटरनेशनल सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है।

delhi crime: म्यूल खातों से हो रहा था फर्जीवाड़ा

दिल्ली क्राइम ब्रांच की जांच में 50 से अधिक म्यूल बैंक खातों का भी पता चला है। क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजय कुमार सैन के मुताबिक शिकायतकर्ता कुलबीर सिंह को जालसाजों ने 61 लाख रुपये से अधिक का चूना लगा दिया था। उनकी शिकायत पर एसीपी रमेश चंद्र लांबा की निगरानी और इंस्पेक्टर पंकज मलिक के नेतृत्व में एसआई अमित कुमार, रुपेश बाल्यान, देवेन्द्र सिंह, एएसआई संजीव कुमार, मुकेश कुमार, हेडकांस्टेबल गजेन्द्र सिंह, राजेन्द्र सिंह, नरेन्द्र कुमार, कांस्टेबल दिनेश कुमार और रविन्द्र कुमार की टीम बनाई गई।

पुलिस टीम ने प्रारंभिक जांच में पाया कि शिकायतकर्ता से संपर्क करने के लिए जालसाजों ने 2-3 महीने में सात व्हाट्सएप्प नंबरों का इस्तेमाल किया था। प्रमुख आरोपी मोनिका ने जिस डिवाइस से पहला नंबर सक्रिय किया था उस डिवाइस का इस्तेमाल 540 सिम के लिए किया जा चुका था। इन सिम कार्डों का पता गुजरात के अहमदाबाद में स्थित पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) विक्रेता दीपक वाधवानी से लगाया गया।

delhi crime: म्यूल खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम के लिए

पुलिस टीम की जांच में यह भी पता लगा कि ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए म्यूल खातों का इस्तेमाल किया गया था। यह खाते जूनागढ़, गुजरात के मेसर्स महादेव एंटरप्राइजेज और श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर के मेसर्स न्यू सदीकीन ट्रेडर्स के नाम से पंजीकृत थे। इन बैंक खातों की जांच में पहले मोटी रकम आने और फिर दूसरे खाता में ट्रांसफर करने के सबूत मिले।

इस मामले में पुलिस ने गुजरात और महाराष्ट्र के कई शहरों में एक साथ छापा मारकर शैलश सुभाष गुप्ता, राजू भाई सोना और दीपक वाडवानी को गिरफ्तार किया गया। शैलेश सुभाष गुप्ता ने जिगर अशोक शाह के निर्देशों के तहत कई धोखाधड़ी वाले बैंक खाते खोलने की बात कबूल की, जो दुबई स्थित मास्टरमाइंड के लिए बिचौलिए के रूप में काम करता था।

राजू भाई सोना भाई प्रजापति ने खुलासा किया कि उसने दुबई स्थित गुर्गों के इशारे पर खच्चर खाते खोले थे, और अपनी भूमिका के लिए ₹15,000 प्राप्त किए थे। जाली सिम कार्ड खरीदने में सहायक पीओएस विक्रेता दीपक वाडवानी से पूछताछ में 31 जाली सिम कार्ड और संबंधित उपकरण बरामद हुए।

दो अन्य लोग विपुल और कौशिक की गिरफ्तारी हुई। मेसर्स महादेव एंटरप्राइजेज के धोखाधड़ी वाले एक्सिस बैंक खाते की जांच से पता चला कि यह गुजरात के जूनागढ़ के एक अन्य मनी म्यूल श्यामकुमार रमेश भाई कागथरा से जुड़ा है। पूछताछ करने पर श्यामकुमार ने मध्यस्थ मीत जयेश भाई कलेरिया के निर्देश पर ₹15,000 में खाता खोलने की बात स्वीकार की।

मीत कलेरिया से आगे की पूछताछ में एक्सिस बैंक के एक कर्मचारी प्रशांत योगानंदी की संलिप्तता का पता चला, जिसने ₹1.5 लाख के बदले में धोखाधड़ी वाला खाता खोलने में मदद की, जिससे संस्थागत समझौता उजागर हुआ। इसमें शामिल सभी व्यक्तियों को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में मयूर भरत भाई ठक्कर और किशन बलदेव भाई ठक्कर की भी पहचान सिंडिकेट के लिए धोखाधड़ी वाले लेनदेन और फंड ट्रांसफर का प्रबंधन करने वाले प्रमुख गुर्गों के रूप में हुई।

उनकी पहचान के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आगे की जांच में पता चला कि धोखाधड़ी वाले बैंक खातों का नेटवर्क भारत में स्थित मनी म्यूल द्वारा संचालित किया जाता है, लेकिन इन घोटालों की मास्टरमाइंडिंग और क्रियान्वयन भारत के बाहर स्थित शीर्ष स्तरीय साइबर अपराधियों द्वारा किया जाता है। धोखाधड़ी वाले खातों की पहली श्रृंखला में इन निधियों को प्राप्त करने के बाद, उन्हें कई खातों में इधर-उधर किया जाता है ताकि उनका पता लगाना मुश्किल हो जाए, इससे पहले कि वे हवाला या क्रिप्टोकरेंसी जैसे किसी अन्य चैनल के माध्यम से भारत के बाहर शीर्ष स्तरीय साइबर अपराधियों के पास पहुँचें।

यह भी पढ़ेंः

Support India Vistar

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | Cyber Fraud का नया मॉडल: AI कैसे बदल रहा है ऑनलाइन ठगी का तरीका | मोबाइल कनेक्शन का नया नियम क्या है? मोबाइल कनेक्शन की सीमा क्या है और अपने नाम पर कितने SIM हैं, यह जानना क्यों जरूरी है? | तो आखिर पुलिस क्या करे? प्रदर्शन, लाठीचार्ज और पुलिस की जिम्मेदारी का सवाल | CISF का खस रोपण अभियान: यमुना किनारे मिट्टी के कटाव से लेकर पर्यावरण संरक्षण तक | Meta पर मुकदमा क्यों हुआ? Facebook और Instagram पर बच्चों को लेकर क्या आरोप हैं | डिजिटल अरेस्ट स्कैम में कैसे फंसे रिटायर्ड कर्नल, दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा | WhatsApp scam से ऐसे बचाएगा मेटा का नया AI | Microsoft Passkey क्या है? SMS MFA से ज्यादा सुरक्षित Passkey ऐसे करें Enable | डेटिंग ऐप्प फ्रॉडः बुजुर्ग को ऐसे जाल में फंसाया और ठग लिया | सावधान! साइबर ठग बदल रहे हैं ठिकाना, बचना है तो जानिए ये उपाय |
23-08-2026