भारत में हर दिन ₹24 करोड़ कहाँ गायब हो जाते हैं? साइबर धोखाधड़ी का पूरा सच

भारत हर दिन औसतन ₹24 करोड़ साइबर धोखाधड़ी में खो रहा है। यह पैसा कहाँ जाता है, कौन जिम्मेदार है और आप कैसे बच सकते हैं, पूरी रिपोर्ट पढ़िए।
cyber fraud in india
👁️ 84 Views

भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था जितनी तेज़ी से बढ़ी है, उतनी ही तेज़ी से साइबर अपराध भी बढ़ा है। गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के अनुसार, 2019 से 2025 के बीच भारत में साइबर धोखाधड़ी से ₹52,976 करोड़ का नुकसान हुआ है। औसतन हर दिन ₹24 करोड़ नागरिकों की जेब से निकल रहा है। यह केवल आर्थिक संकट नहीं, बल्कि विश्वास और सुरक्षा का संकट है।

भारत में साइबर धोखाधड़ी का काला सच

चौंकाने वाले आंकड़े (2019–2025)

  • कुल नुकसान: ₹52,976 करोड़
  • औसत दैनिक नुकसान: ₹24 करोड़
  • स्रोत: I4C, गृह मंत्रालय

साइबर धोखाधड़ी के प्रमुख रुझान

निवेश जाल

फर्जी ऐप्स, पोंजी स्कीम और नकली ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म ऊँचे रिटर्न का लालच देते हैं।

ऑनलाइन घोटाले

फ़िशिंग लिंक, फर्जी नौकरी ऑफ़र, लॉटरी और पहचान की नकल।

डिजिटल भुगतान का दुरुपयोग

UPI, वॉलेट और कार्ड आधारित धोखाधड़ी में तेज़ वृद्धि।

सोशल इंजीनियरिंग

WhatsApp, Telegram और सोशल मीडिया ग्रुप्स के ज़रिए भरोसे का दुरुपयोग।

सीमा-पार संचालन

कई नेटवर्क विदेश से संचालित पाए गए हैं।

राज्यवार प्रमुख रुझान

  • महाराष्ट्र, कर्नाटक: उच्च डिजिटल उपयोग के कारण अधिक नुकसान
  • दिल्ली, उत्तर प्रदेश: फ़िशिंग और OTP घोटाले
  • केरल, तमिलनाडु: निवेश और क्रिप्टो घोटाले
  • पूर्वोत्तर राज्य: गेमिंग और लोन ऐप धोखाधड़ी में वृद्धि

ये आंकड़े क्यों महत्वपूर्ण हैं

  • परिवारों की जीवनभर की बचत खत्म हो रही है
  • राष्ट्रीय डिजिटल ढांचे का दुरुपयोग हो रहा है
  • ऑनलाइन भुगतान और सेवाओं पर भरोसा घट रहा है

निवारक उपाय

  • निवेश से पहले सत्यापन करें, केवल SEBI/RBI पंजीकृत प्लेटफ़ॉर्म चुनें
  • OTP, PIN, UPI जानकारी कभी साझा न करें
  • 1930 हेल्पलाइन या http://cybercrime.gov.in पर तुरंत रिपोर्ट करें

प्रमुख पुलिस पहल

  • ऑपरेशन चक्र-V (CBI)
  • ऑपरेशन मैट्रिक्स (MP Police)
  • ऑपरेशन थिरैनीकु (Tamil Nadu Police)
  • साई-हॉक (Delhi Police)

ये अभियान म्यूल अकाउंट्स को निशाना बनाकर नेटवर्क की रीढ़ तोड़ रहे हैं।

बैंकों के लिए आह्वान

  • संदिग्ध खातों की सक्रिय निगरानी
  • त्वरित ब्लॉकिंग
  • पुलिस और CERT-In से रीयल-टाइम सूचना साझा करना

आगे की राह

  • ज़िला स्तर पर साइबर गश्त टीमों का विस्तार
  • AI आधारित धोखाधड़ी पहचान
  • क्षेत्रीय भाषाओं में जागरूकता अभियान
  • मजबूत कानूनी और तकनीकी ढांचा

निष्कर्ष

साइबर धोखाधड़ी केवल पैसे की चोरी नहीं है, यह भरोसे की चोरी है। म्यूल अकाउंट्स पर प्रहार और नागरिक जागरूकता के बिना डिजिटल इंडिया सुरक्षित नहीं हो सकता।

Latest Posts

Breaking News
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | बिहार के गया में लगता है मौत के बाद मुक्ति का मेला, क्यों खास है यह पौराणिक परंपरा | जानिए क्या है ‘सबके लिए आवास’ मिशन, शहरी गरीबों को कैसे मिलता है पक्का घर | बिहार का वह शहर जिसे राम की कर्मभूमि कहा जाता है, जहां ताड़का से जुड़ी है एक रहस्यमयी कथा | operation octopus: हैदराबाद पुलिस ने 127 करोड़ के साइबर ठगी का नेटवर्क कैसे तोड़ा | UIDAI AI Invisible Shield: आपके आधार की पहचान अब पहले से ज्यादा सुरक्षित कैसे हुई | दिल्ली पुलिस ने एआई समिट के दौरान हुए प्रदर्शन पर तोड़ी खामोशी, बोली पूर्व नियोजित था प्रदर्शन | मुठभेड़ के बाद क्या हुआ खुलासा, दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े कौन से गैंग के शूटर | दिल्ली से कोलकाता तक आतंकी नेटवर्क, स्पेशल सेल ने कैसे बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया | चीन के साइबर धोखेबाज़ भारत में कैसे चला रहे हैं वर्चुअल SIM बॉक्स, गुरुग्राम केस ने खोली पोल | Agniveer भर्ती 2026: उम्र सीमा बढ़ी, क्या मिलेगा स्थायी मौका? जानिए नया नियम और पूरा प्रोसेस |
25-02-2026