क्रिमिनल जिस पर सवा सौ मामले, 35 मामलो में वांछित, 20 में फरार, कुछ की नजर में रॉबिनहुड

क्रिमिनल जिसके बारे में हम बताने जा रहे हैं उसके खिलाफ 125 मामले दर्ज हैं। इन मामलो में रेप, हत्या, जबरन वसूली से लेकर लूटपाट तक के मामले शामिल हैं। 35 मामलो में पुलिस को उसकी तलाश थी, 20 मामलो में तो कोर्ट ने उसे फरार घोषित कर रखा था। इस क्रिमिनल के गैंग में 25 मेंबर हैं। क्रिमिनल लूटपाट के बाद हवाई जहाज से अपने ससुराल भाग जाता था। दिल्ली के एक इलाके में तो लोग उसे रॉबिन हुड समझते थे। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस कुख्यात क्रिमिनल को गिरफ्तार कर लिया है।

स्पेशल सेल के डीसीपी जसमीत सिंह के मुताबिक पकड़े गए क्रिमिनल की पहचान वसीम अकरम उर्फ लंबू के रूप में हुई है। उसे एसीपी अतर सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर शिव कुमार औऱ पवन कुमार की टीम ने आनंद विहार रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया। उस पर 30 जून 2021 को दिल्ली के कोटला मुबारक पुर एसएचओ और उनकी टीम पर गोली चलाने का भी आरोप है। डीसीपी जसमीत सिंह के मुताबिक उसके पास से सिंगल शॉट पिस्टल और 3 कारतूस भी बरामद किया गया है। डीसीपी जसमीत सिंह के मुताबिक क्रिमिनल वसीम उर्फ लंबू की गिरफ्तारी के लिए पिछले 4 महीने से कोशिश की जा रही थी। मगर वह पश्चिम बंगाल, दिल्ली, बिहार हरियाणा आदि जगहों पर छिपता फिर रहा था। 1इंस्पेक्टर शिव कुमार को सूचना मिली थी कि 19 अगस्त के दिन वसीम आनंदज विहार रेलवे स्टेशन पर किसी से मिलने आएगा। इसी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जाल बिछाकर उसे दबोच लिया।

पुलिस हिरासत में क्रिमिनल वसीम

वसीम पर सवा सौ मामले

पुलिस के मुताबिक वसीम उर्फ लंबू पर पिछले 8 सालो में हत्या की चेष्टा, लूटपाट, स्नैचिंग, रेप, घर का ताला तोड़ने से लेकर पुलिस पर हमला करने तक के 125 मामले दर्ज हैं। इस समय वह 35 मामलो में फरार चल रहा था। इन मामलो में दिल्ली के कोटला मुबारक पुर एसएचओ की टीम पर फायरिंग करने का मामला भी शामिल है। उसे विभिन्न अदालतो ने 20 मामलो में फरार भी घोषित कर रखा था।

गैंग

वसीम की गैंग में 25 मेंबर हैं। यह गैंग दिन में दिल्ली की पॉश कालोनियों में बंद पड़े मकानो की रेकी कर लेता है। रात में गैंग के मेंबर पहचान किए गए घर का ताला तोड़कर कैश और कीमती सामानो पर हाथ साफ कर लेते हैं। वारदात के दौरान गैंग के एक दो सदस्य आसपास निगाह रखते हैं। इनके निशाने पर पॉश कालोनियों के बड़े मकान होते हैं। एक साथ चार पांच मकानो में वारदात करने के बाद वसीम फ्लाइट सो कोलकाता अपने ससुराल फरार हो जाता था। गैंग के दूसरे सदस्य ट्रेन औऱ बस से फरार हो जाते थे। दिल्ली में वसीम जहांगीर पुरी के जिस ब्लाक में रहता था वहां उसकी छवि रॉबिनहुड वाली थी क्योंकि वह गरीबों की आर्थिक मदद कर दिया करता था।

           

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