crime story in hindi: बीस साल से सेना का पूर्व बर्खास्त नायक फरार था। आरोप इतना गंभीर था कि अदालत ने उम्र कैद की सजा दी और सेना ने बर्खास्तगी। मगर 20 साल पहेल पेरोल पर बाहर आने के बाद वह फरार हो गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह ना तो मोबाइल का इस्तेमाल करता था और ना ही किसी तरह का ऑनलाइन ट्रांजक्शन करता था। बावजूद इसके दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
crime story in hindi: पूर्व नायक का गुनाह
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के डीसीपी आदित्य गौतम के मुताबिक आरोपी पूर्व सेना नायक की पहचान अनिल कुमार तिवारी के रूप मे हुई है। उस पर दिल्ली कैंट में अपनी पत्नी का गला घोंट कर जलाने का आरोप है। उसने 18 साल सेना में नौकरी की। साल 1981 में उसकी शादी मध्य प्रदेश के रीवा की महिला से हुई थी। वह देश के विभिन्न हिस्सो में तैनात रहा। साल 1986 में वह दिल्ली कैंट में आर्डिनेंस कोर यूनिट में ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था।
पत्नी के साथ उसके अक्सर झगड़े होते रहते थे। एक दिन उसने पत्नी का गला घोंटा और फिर आग लगा दी। उसने कोशिश की कि मामला आत्महत्या का लगे। मगर पुलिस जांच में साजिश का पर्दाफाश हो गया। इस मामले में उसे 31 मई 1989 को गिरफ्तार किया गया था। बाद में साल 2005 में हाइकोर्ट ने उसे दो सप्ताह का पेरोल दिया।
पेरोल पर बाहर आने के बाद वह फरार हो गया। इस दौरान उसने दूसरी शादी भी कर ली। दूसरी शादी से उसे 4 बच्चे भी हैं। फरारी में वह ड्राइवर का काम करता था और गिरफ्त से बचने के लिए वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल और ऑनलाइन पैसों की लेनदेन नहीं करता था। डीसीपी आदित्य गौतम के मुताबिक एसीपी रमेश चंद्र लांबा की निगरानी और इंस्पेक्टर सतेन्द्र मोहन की देखरेख में इंस्पेक्टर महिपाल सिंह के नेतृत्व में एसआई अंकित, गौरव, एएसआई सत्यवीर, हेडकांस्टेबल नवीन, सुनील, तरूण, विनोद औऱ कांस्टेबल धर्म की टीम उसे ट्रैक कर रही थी।
पुलिस टीम को जांच के दौरान उसके प्रयागराज में होने की सूचना मिली। जांच में आगे पता लगा कि वह अपने गांव गया है। पुलिस टीम उसके गांव मध्य प्रदेश के सिद्दी में चरहट पहुंची जहां से उसे दबोचा गया। भारतीय सेना ने उसे 2005 में नायक के पद से बर्खास्त कर दिया था।
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