Crime news:दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक करोड़ की प्रतिबंधित ड्रग बरामद किया है। तस्करी में लिप्त सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सिंडिकेट से 30 किलोग्राम अल्प्राजोलम की गोलियां बरामद की गई हैं। यह खेप दो लाख गोलियों के बराबर है। ड्रग की सप्लाइ मोटरसाइकिल से की जा रही थी।
Crime news ऐसे मिला सुराग और ऐसे हुआ खुलासा
क्राइम ब्रांच की डीसीपी अपूर्वा गुप्ता के मुताबिक क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स यूनिट में तैनात हेडकांस्टेबल दीपक परेवा और एएसआई नरेश कुमार को दिल्ली के सोनिया विहार में ड्रग शिपमेंट के बारे में सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर एसीपी अनिल शर्मा की निगरानी और इंस्पेक्टर प्रवीण राठी के नेतृत्व में पुलिस टीम बनाई गई टीम ने सोनिया विहार में जाल बिछाया गया।
पुलिस कार्रवाई में संदिग्ध दो मोटरसाइकिल से लक्ष्मण और पंकज नामक दो शख्स से बक्से में छिपाए गए 27 किलोग्राम अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद किया गया। इनकी निशानदेही पर लोनी में एक गोदाम पर छापा मारकर 2.4 किलोग्राम और अल्प्राजोम टैबलेट बरामद किया गया। यह गोदाम इनके साथी अंकित शुक्ला की थी। कई जगह छापेमारी के बाद अंकित को यूपी के गोंडा से गिरफ्तार किया गया। इनकी निशानदेही पर सिंडिकेट में शामिल इनके साथी तनिष्क को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस एप ऐसे काम आया
इस मामले को सुलझाने में दिल्ली पुलिस द्वारा हाल ही में लांच किया गया सहायक एप्प मददगार साबित हुआ। संदिग्धों के फोन नंबर को इस एप की मदद से सत्यापन करके अहम सुराग प्राप्त करने में मदद मिली। इसके रियल टाइम के डेटा एक्सेस ने सटीक आरोपियों को चिन्हित करने में मदद की।
दवाओं के खतरे से निपटने में नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया है। नशीली दवाओं की तस्करी के बारे में जानकारी रखने वाले व्यक्तियों को आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। मुखबिरों को मूल्यवान सुराग के लिए नकद पुरस्कार मिलेगा, और उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
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