Crime news: अमीर बनने की चाह में एक शख्स टेलर से लुटेरा बन गया। देखते ही देखते वह दिल्ली का कुख्यात लुटेरा कहलाया जाने लगा। मगर एक ही नहीं दो-दो केस में भगोड़ा होने के बाद वह गायब हो गया। दिल्ली पुलिस को उसके बारे में सुराग लगा। उसे दबोचने के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को एक सप्ताह तक पर्यटक के वेश में रहना पड़ा।
Crime news: पुलिस को मिला इस तरह सुराग
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के डीसीपी अमित गोयल के मुताबिक गिरफ्तार बदमाश का नाम हामिद है। वह दिल्ली के बिंदापुर थाने में डकैती और भजनपुरा थाने में वाहन चोरी के मामले में भगोड़ा घोषित हो चुका है। उसे एसीपी रमेश चंद्र लांबा की निगरानी और इंस्पेक्टर सतेन्द्र मोहन औऱ महिपाल के नेतृत्व में एसआई अंकित और गौरव, एएसआई जफरुद्दीन, एचसी नवीन, तरुण, सुनील, विनोद और नितेश की टीम ने दबोचा। हवलदार नितेश को उसके बारे में गुप्त सूचना मिली थी।
गिरफ्तारी के समय वह आमेर किले में आने वाले पर्यटकों को कपड़े बेच रहा था। पुलिस टीम उसे दबोचने के लिए एक सप्ताह तक आमेर किले पर पर्यटकों के वेश में रही। आखिरकार आरोपी आमेर किले में आया और बाद में उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान पता चला कि पहले वह पेशे से दर्जी था। बाद में आर्थिक तंगी के कारण उसने डकैती, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट आदि सहित अवैध गतिविधियां शुरू कर दीं।
समय के साथ वह दिल्ली के सबसे कुख्यात लुटेरों में से एक बन गया। अब तक उसकी कुल 24 वारदातें हो चुकी हैं, जिनमें से 20 दिल्ली की और 04 उत्तर प्रदेश की हैं। पूछताछ में यह भी पता चला कि अदालती कार्यवाही से बचने के लिए वह जगदलपुर, ओडिशा भाग गया, जहां वह 02 साल तक रहा और फेरी लगाकर कपड़े बेचने लगा। बाद में जांच एजेंसी को उसे पकड़ने से रोकने के लिए वह फिर से ओडिशा से जयपुर आ गया और अपने सभी मोबाइल नंबर भी बदल दिए। आखिरकार उसे आमेर, जयपुर, राजस्थान में ट्रेस किया गया और वहीं से उसे पकड़ लिया गया। वह अपना निवास स्थान, पेशा और मोबाइल नंबर भी बदलता रहता था।
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