पुलिसवालों के कोरोना एक्सपर्ट से मीलिए जानिए कोरोना से बचने के उपाय वीडियो से भी समझिए कोरोना से बचने का उपाय

Neeraj koushik

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ईशापाल

नई दिल्ली। पुलिसवालों के फोन में उनका नाम कोरोना एक्सपर्ट के तौर पर सेव है। वो अब तक 55 से ज्यादा पुलिस स्टेशन, पुलिस कालोनी, सीआरपीएफ, आरपीएफ और ऑनलाइन ट्रैनिंग दे चुके हैं। नाम है डाक्टर नीरज कौशिक। आपमें से कई लोग इस नाम से बेहद करीब से परिचय रखते हैं।


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इंडिया विस्तार आपको इसी शख्सियत से परिचय कराने जा रहा है। वीडियो में तस्वीरो में आप इन्हें कई पुलिस स्टेशनों, कालोनियों या पुलिस कैंपो में उन्हें कोरोना जैसे महामारी से बचने का उपाय बताते हुए देख सकते हैं। असल में डा. नीरज कौशिक आसान उपायों से महामारी से बचने के उपाय बताते हैं इसीलिए शायद वह पुलिसवालो में बहुत लोकप्रिय हैं।


डॉ. नीरज कौशिक वैकल्पिक चिकित्सा में एमएड के साथ साथ दिल्ली विश्वविद्यालय से जीवन विज्ञान में ग्रेजुएट हैं। फिलहाल वह कौशिक एक्यूपंक्चर & नेचुरल मेडिसिन रिसर्च कौशिक एक्यूपंक्चर & नेचुरल मेडिसिन रिसर्च के नाम से क्लीनिक चलाते हैं। उनके पास एक्यूपंक्चर में डिप्लोमा है। उन्हें कोरियाई सुजोक एक्यूपंक्चर और LASER एक्यूपंक्चर में स्पेशलिस्ट माना जाता है। उन्होंने मनोवैज्ञानिक, मानसिक और शारीरिक विकृति सहित अनेक मुद्दों पर हजारों रोगियों की सहायता की है। उनका मुख्य शोध और अभ्यास विषय मस्तिष्क और रीढ़ की समस्याएं, मधुमेह, और गतिहीन जीवन शैली से संबंधित विकार जैसे क्रोनिक दर्द प्रबंधन, रक्तचाप, हृदय, मधुमेह, मोटापा, थायराइड, पक्षाघात, स्ट्रोक, कैंसर आदि हैं।


ड्रगलेस थेरॉपी के सिद्धांत को मुख्य साधन मानने वाले डा. नीरज कौशिक का मानना है कि पुरानी से पुरानी बीमारी ठीक हो सकती है। जरूरी है सेल्फ मैनेजमेंट। इसके लिए वह एक्यूपंक्चर, कायरोप्रैक्टिक, होम्योपैथी, योग और कई अन्य प्राचीन परंपराओं और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करते है ।
मुख्य रूप से उनकी चिकित्सा के तरीके रोग पर ही निर्भर करते हैं। जैसे ड्रगलेस और नेचुरल थेरेपी में वह कई तरह के एक्यूपंक्चर के द्वारा उपचार करते है जैसे की चाइनीज़ दवाईयां ,नेचुरल दवा /आयुर्वेद,होमियोपैथी ,लेज़र एक्यूपंक्चर,लेज़र एक्यूपंक्चर,कॉस्मेटिक एक्यूपंक्चर,एयर एक्यूपंक्चर आदि। इसी तरह होमियोपैथिक के माध्यम से वह पुरानी बीमारी और दर्द का इलाज करते हैं।


इसके अलावा कुछ औऱ आधुनिक तरीके विभिन्न बीमारियों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। इनमें सर्वाधिक पसंदीदा तरीका फ़ूड थेरेपी / न्यूट्रिशन हाइड्रो थेरेपी है। इसमें रोगी को बिना दवाई दिए इलाज किया जाता है।अविश्वसनीय परिणामों के कारण ये उपचार सभी की पसंद बन रहे हैं। ये नॉन-ड्रग थेरेपी बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के किफायती हैं और तुरंत राहत देती हैं। यह एक स्वस्थ दिमाग और स्वस्थ शरीर दे सकती है, क्योंकि यह रक्त परिसंचरण में सुधार करता है, तंत्रिका आवेगों को हटाता है और तनाव से राहत देता है। सभी उम्र के मरीजों को इसका फायदा मिल सकता है। इसमें ज्यादा समय नहीं लगता है और इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है।

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Alok Verma
a senior journalist with a 25 years experience of print, electronics and digital. worked with dainik jagran, news18india, R,bharat, zee news

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29-06-2026