दूरसंचार विभाग (DoT) ने Calling Name Presentation (CNAP) योजना के राष्ट्रव्यापी लॉन्च की समयसीमा मार्च 2026 तय कर दी है। यह पहल भारत में साइबर अपराध की दिशा और दशा बदलने वाला एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।
CNAP के लागू होने के बाद मोबाइल स्क्रीन पर केवल नंबर नहीं बल्कि कॉल करने वाले का सत्यापित वास्तविक नाम दिखाई देगा — वही नाम जो सिम कार्ड लेते समय KYC में दर्ज किया गया था।
CNAP Calling Name Presentation क्यों महत्वपूर्ण है?
- डिजिटल अरेस्ट जैसे घोटाले कमज़ोर पड़ेंगे।
- फर्जी “बैंक मैनेजर” या “पुलिस अधिकारी” पहचान तुरंत उजागर होगी।
- यह Truecaller जैसे crowd-sourced ऐप्स पर आधारित नहीं होगा, जिससे गलत टैगिंग घटेगी।
- नागरिक कॉल उठाने से पहले ही जोखिम पहचान सकेंगे।
CEIR की तरह सुरक्षा कवच
जिस तरह CEIR पोर्टल चोरी हुए मोबाइल फोन को ट्रेस करने में प्रभावी साबित हुआ है, उसी तरह CNAP पहचान आधारित साइबर धोखाधड़ी को रोकने में अहम भूमिका निभाएगा।
- CEIR लॉन्च: 17 मई 2023
- हजारों चोरी मोबाइल ट्रेस होकर लौटाए जा चुके हैं
- TRAI और DoT के प्रयासों से डिजिटल विश्वास मजबूत हुआ है
CNAP कैसे काम करेगा?
| वर्तमान | CNAP के बाद |
|---|---|
| केवल नंबर दिखता है | सत्यापित असली नाम दिखेगा |
| उपयोगकर्ता को खोज करनी पड़ती है | स्वतः पहचान मिलेगी |
| ठग फर्जी पहचान बना लेते हैं | फर्जी नाम तुरंत पकड़े जाएंगे |
- डिफ़ॉल्ट रूप से सक्रिय रहेगा
- उपयोगकर्ता चाहें तो बंद कर सकते हैं
- 4G और नई नेटवर्क तकनीकों पर चरणबद्ध लागू होगा
नागरिकों और एजेंसियों को लाभ
- रियल-टाइम धोखाधड़ी पहचान
- वैध कॉल्स पर भरोसा बढ़ेगा
- बुजुर्ग और ग्रामीण नागरिक सुरक्षित होंगे
- पुलिस को ट्रेसिंग में मदद मिलेगी
- डिजिटल स्वच्छता को बढ़ावा मिलेगा
साइबर अपराध पर प्रभाव
| साइबर अपराध | CNAP का असर |
|---|---|
| फर्जी कॉल स्कैम | तुरंत पहचान |
| डिजिटल अरेस्ट | डर फैलाने की क्षमता घटेगी |
| OTP फ्रॉड | बैंक कॉल सत्यापित होंगे |
| SIM स्वैप | मालिक की पहचान आसान |
| कॉल सेंटर स्कैम | गुमनामी खत्म |
निष्कर्ष
CNAP केवल एक तकनीकी बदलाव नहीं बल्कि डिजिटल सुरक्षा का नया आधार स्तंभ है। यह नागरिकों, बैंकों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच भरोसे की एक नई परत जोड़ेगा।












