कुख्यात भूमाफिया, 1 हजार करोड़ रु की ठगी, नाम बदलकर रह रहा था पकड़ा गया

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कुख्यात भूमाफिया पीयूष तिवारी को उत्तरी दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है उस पर नोएडा मे फ्लैट दिलाने के नाम पर 1 हजार करोड रु की जालसाजी के आरोप है। इस कुख्यात भूमाफिया की गिरफ्तारी पर 50 हजार के इनाम था। दिल्ली, पंजाब और उप मे उसके खिलाफ 30 केस दर्ज है। कोर्ट ने भी उसे भगोड़ा घोषित कर रखा है। उसकी पत्नी शिखा जालसाजी के आरोप मे पहले ही जेल मे है।

उत्तरी दिल्ली पुलिस उपायुक्त सागर कलसी के मुताबिक AATS मे तैनात हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश को सूचना मिली थी कि इनामी पीयूष महाराष्ट्र के नासिक मे रह रहा है। इस सूचना के आधार पर एसीपी जय पल सिंह की देखरेख मे एस आई नरेश कुमार के नेतृत्व मे एस आई संदीप हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश की टीम बनाई गई।

पुलिस टीम ने जांच शुरू की। तकनीकी जांच मे पीयूष तिवारी कि शिनाख्त हो गई। जांच पड़ताल मे पुलिस को पता लगा की पीयूष प्याज का कारोबार कर रहा है। आजकल वह फूड चेन के कारोबार मे  था।  आखिरकार पुलिस ने उसे फूड चैन की दुकान से पकड़ लिया । वह पुनीत भारद्वाज के नाम से रह रहा था।

पूछताछ मे पता चला कि साल 2011 मे उसने बिल्डर के तौर पर काम शुरू किया था उसने 8 कंपनियाँ बनाई जिसके साथ 15-20 शैल कंपनी भी साल 2018 तक चलाई। 2016 मे इन्ंकम टैक्स कि रेड पड़ी उसके घर से तब 120 करोड़ रु जब्त किए। इसके साथ ही उसका पतन शुरू हो गया । बाजार मे बने रहने के लिए उसने लोगो के साथ ठगी शुरू कर दी। कई जगह  केस दर्ज होने लगे मगर वह न्यायिक कार्यवाई से बचता रहा। बाद मे दिल्ली छोड़कर फरार हो गया । इसी बीच उसे कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया। दिल्ली से भागने के बाद वह साउथ भारत मे फर्जी नाम से रहने लगा ।

वह दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट है । सबसे पहले उसने विज्ञापन एजेंसी शुरू कि थी।

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