इंटरनेट की दुनिया में दो चीजें बहुत कॉमन हैं। पहला email address और दूसरा इंटरनेट पर होने वाली हर तरह की गतिविधि में email address और link यह दोनो काम आते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि साइबर के बदमाश भी email address या link को ही अपना माध्यम बनाते हैं। email address और link ही cyber घुसपैठ का सबसे मजबूत साधन है। जाहिर है इसके साथ सतर्क रहना बहुत जरूरी है।
email address और link को ऐसे समझें
इंटरनेट पर काम करते समय बिल्कुल वैसी ही सावधानी बरतनी होती है जैसी सावधानी सड़क पर वाहन चलाते समय रखनी पड़ती है। इसका मतलब है कि इंटरनेट पर काम करते समय भी वही रूल लागू होता है कि सावधानी हटी दुर्घटना घटी। अब सावधानी रखना भी एक अलग कला है यहां हम आपको कुछ टिप्स दे रहे हैं जिन्हें अपना कर आप fake email और link से अपना बचाव कर सकते हैं।
यह बातें रखें याद
संदिग्ध लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक करने से बचें। हैकर्स अक्सर मैलवेयर को अटैचमेंट या धोखाधड़ी वाले लिंक में छिपाते हैं। किसी भी अज्ञात ईमेल के साथ बातचीत करने से पहले उसका सत्यापन यानि वेरीफिकेशन जरुर करें। संवेदनशील जानकारी साझा करने से पहले प्रेषक की प्रामाणिकता सत्यापित कर लें। नहीं तो आपकी जानकारी किसी और का हथियार बन सकती है।
साइबर अपराधी वैध स्रोतों का रूप धारण करके व्यक्तिगत डेटा निकालने का प्रयास करते हैं। क्रेडेंशियल प्रदान करने से पहले विवरणों को क्रॉस-चेक करें। संभावित मैलवेयर हमले को रोकने के लिए पॉप-अप को ब्लॉक करें। Malicious pop-ups आपके सिस्टम पर हानिकारक सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल कर सकते हैं। ब्राउज़र-आधारित पॉप-अप ब्लॉकर या सुरक्षा सॉफ़्टवेयर का उपयोग करें।
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