chrome में सेव पासवर्ड सुरक्षित रखने की चिंता आपको भी जरूर सताती होगी। chrome में अक्सर पासवर्ड सेव कर दिया जाता है, जरा सोचिए ऐसे में अगर आपका फोन किसी और हाथ में चला जाए तो chrome में सेव पासवर्ड तक उसकी पहुंच हो सकती है। chorme में आपका सेव पासवर्ड सुरक्षित रहे इके लिए गूगल क्रोम एक सिस्टम बना रहा है। आइए जानते हैं इस नए फीचर को।
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पासवर्ड ऑटोफिल पर बायोमेट्रिक सुरक्षा एक अहम सुरक्षा परत बन सकती है। Chrome में संवेदनशील जानकारी भरने से पहले अतिरिक्त पहचान की पुष्टि की सुविधा मौजूद है। इसमें फिंगरप्रिंट, चेहरे की पहचान या डिवाइस का स्क्रीन लॉक इस्तेमाल किया जा सकता है। Google के अनुसार यह अतिरिक्त पहचान जांच डिफॉल्ट रूप से चालू रहती है, जब तक उपयोगकर्ता इसे बंद न करे।
पासवर्ड ऑटोफिल में बायोमेट्रिक सुरक्षा क्या करती है?
मान लीजिए आपका फोन पहले से अनलॉक है। ऐसे में किसी वेबसाइट के लॉगिन पेज पर जाकर सेव किए गए पासवर्ड को भरने की कोशिश की जाती है। अतिरिक्त पहचान जांच चालू होने पर Chrome संवेदनशील जानकारी भरने से पहले यह पुष्टि कर सकता है कि फोन का वास्तविक उपयोगकर्ता ही इसे इस्तेमाल कर रहा है।
बायोमेट्रिक उपलब्ध नहीं होने पर डिवाइस का पासवर्ड या पासकोड भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी फोन का लॉक खुला होना और chrome में सेव पासवर्ड का इस्तेमाल कर पाना दो अलग सुरक्षा चरण बन जाते हैं।
1. फोन किसी दूसरे के हाथ में पड़ने पर पासवर्ड की सुरक्षा
यह इसका सबसे सीधा फायदा है। अगर आपका फोन अनलॉक हालत में किसी दूसरे व्यक्ति के पास चला जाता है, तो अतिरिक्त पहचान जांच सेव की गई संवेदनशील जानकारी के इस्तेमाल पर एक और रोक लगाती है।
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फिंगरप्रिंट या चेहरे की पहचान मांगे जाने का मतलब है कि सिर्फ खुला हुआ फोन हाथ में होने से पासवर्ड भरना आसान नहीं रहेगा। यह उन परिस्थितियों में खास तौर पर उपयोगी हो सकता है जहां परिवार, दोस्त या ऑफिस में फोन कुछ देर के लिए किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ में चला जाता है।
2. सेव किए गए पासवर्ड तक अनधिकृत पहुंच का जोखिम घटता है
Chrome और Google Password Manager में सेव पासवर्ड संवेदनशील जानकारी होते हैं। Google बताता है कि सेव पासवर्ड का इस्तेमाल या प्रबंधन करते समय पहचान की पुष्टि मांगी जा सकती है और पासवर्ड की सुरक्षा के लिए डिवाइस आधारित सुरक्षा तथा एन्क्रिप्शन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है।
बायोमेट्रिक सत्यापन इस सुरक्षा को इस्तेमाल के समय एक अतिरिक्त कदम देता है। इससे किसी दूसरे व्यक्ति के लिए आपके सेव पासवर्ड का इस्तेमाल करना कठिन होता है।
4. पासवर्ड किसी को बताने की जरूरत कम होती है
बहुत से लोग पासवर्ड याद रखने की परेशानी से बचने के लिए एक ही पासवर्ड कई जगह इस्तेमाल करते हैं या पासवर्ड दूसरों के साथ साझा कर देते हैं। Google Password Manager मजबूत और अलग-अलग पासवर्ड बनाने तथा उन्हें सुरक्षित रूप से सेव करके जरूरत पड़ने पर भरने की सुविधा देता है।
ऐसे में उपयोगकर्ता को पासवर्ड याद रखने या बार-बार टाइप करने की जरूरत कम होती है। साथ में अतिरिक्त पहचान जांच होने से सेव जानकारी के इस्तेमाल पर नियंत्रण भी बढ़ता है।
5. कुछ सेकंड की अतिरिक्त जांच, बड़ी सुरक्षा
बायोमेट्रिक जांच में फिंगरप्रिंट या चेहरे की पहचान जैसी प्रक्रिया में कुछ अतिरिक्त समय लगता है। लेकिन संवेदनशील जानकारी के मामले में यह छोटा-सा अतिरिक्त कदम उपयोगी सुरक्षा दे सकता है।
Google के अनुसार Android पर Chrome में संवेदनशील जानकारी भरने से पहले “Verify it’s you when filling sensitive info” विकल्प के जरिए अतिरिक्त पहचान जांच को चालू या बंद किया जा सकता है।
Chrome में बायोमेट्रिक सुरक्षा कैसे चालू करें?
Android फोन में Chrome खोलें।
सेटिंग्स > पासवर्ड और ऑटोफिल > ऑटोफिल सेटिंग्स पर जाएं।
इसके बाद “संवेदनशील जानकारी भरते समय पुष्टि करें” यानी “Verify it’s you when filling sensitive info” विकल्प देखें और इसे चालू रखें।
Google के अनुसार इस सेटिंग के चालू रहने पर संवेदनशील जानकारी भरते समय फिंगरप्रिंट, चेहरे की पहचान या दूसरे स्क्रीन लॉक से पहचान की पुष्टि की जा सकती है।
इसके अलावा Google Password Manager में स्वचालित साइन-इन विकल्प भी उपलब्ध है। जिसे अतिरिक्त पुष्टि के साथ लॉगिन करना है, वह “Sign in automatically” बंद कर सकता है।
पासकी का इस्तेमाल भी करें
पासवर्ड की जगह पासकी का इस्तेमाल भी सुरक्षा बढ़ा सकता है। Google के अनुसार पासकी से लॉगिन के लिए फिंगरप्रिंट, चेहरे की पहचान या एक छोटे पिन का इस्तेमाल किया जा सकता है और बायोमेट्रिक जानकारी डिवाइस पर ही रहती है। पासकी उस वेबसाइट या ऐप से जुड़ी होती है जिसके लिए बनाई गई है, इसलिए उसे फर्जी वेबसाइट पर इस्तेमाल कराने वाला सामान्य फिशिंग जोखिम कम होता है।
क्या आपको यह सुविधा चालू रखनी चाहिए?
अगर Chrome में संवेदनशील जानकारी और पासवर्ड सेव हैं तो अतिरिक्त पहचान जांच को बंद करने के बजाय चालू रखना एक उपयोगी सुरक्षा कदम है। इसका मकसद सुविधा खत्म करना नहीं, बल्कि पासवर्ड भरने के समय यह सुनिश्चित करना है कि कार्रवाई वास्तव में अधिकृत उपयोगकर्ता ही कर रहा है।
एक अनलॉक फोन किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ में पहुंचना हमेशा संभव है। ऐसे में पासवर्ड ऑटोफिल पर बायोमेट्रिक सुरक्षा आपकी डिजिटल सुरक्षा के लिए एक अतिरिक्त ताला बन सकती है।











