दिल्ली पुलिस के आउटर नॉर्थ ज़िले की साइबर पुलिस ने हाल ही में एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया जिसने लोगों के मोबाइल को निशाना बनाने के लिए बेहद चालाक तरीका अपनाया। अपराधियों ने मैलवेयर को एक सामान्य सॉफ्टवेयर अपडेट के रूप में फैलाया। यूज़र्स ने इसे असली समझकर डाउनलोड किया और उनका फोन चुपचाप हैक हो गया।
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यह मामला साफ संकेत देता है कि साइबर अपराध अब पहले से अधिक स्मार्ट और खतरनाक हो चुके हैं। ऐसे में मैलवेयर को समझना और उससे बचाव जानना बेहद जरूरी है।
मैलवेयर क्या है और यह कैसे काम करता है
मैलवेयर यानी Malicious Software ऐसा प्रोग्राम होता है जो बिना अनुमति आपके डिवाइस में घुस जाता है और अंदर ही अंदर नुकसान करता रहता है।
मैलवेयर के प्रमुख प्रकार
वायरस (Virus)
यह फाइलों में घुसकर सिस्टम को खराब करता है और तेजी से फैलता है।
स्पायवेयर (Spyware)
यह आपकी गतिविधियों पर नजर रखता है। पासवर्ड, बैंक डिटेल और निजी जानकारी चुरा सकता है।
रैनसमवेयर (Ransomware)
यह आपके डेटा को लॉक कर देता है और उसे खोलने के बदले पैसे मांगता है।
अपराधी इनका इस्तेमाल करके बैंक अकाउंट, क्रेडिट कार्ड और लॉगिन डिटेल जैसी संवेदनशील जानकारी हासिल करते हैं।
Fake Software Update Scam कैसे काम करता है
इस तरह के स्कैम में आपको एक पॉपअप या मैसेज दिखता है जिसमें लिखा होता है कि आपका फोन अपडेट जरूरी है।
जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं, असली अपडेट की जगह मैलवेयर डाउनलोड हो जाता है। इसके बाद आपका फोन स्लो होने लगता है, अनजान ऐप इंस्टॉल हो जाते हैं और आपकी निजी जानकारी चुपचाप चोरी होने लगती है।
मैलवेयर से बचाव के असरदार तरीके
हमेशा भरोसेमंद एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल रखें और उसे अपडेट करते रहें। संदिग्ध ईमेल या लिंक पर क्लिक करने से बचें।
पॉपअप में दिए गए टेक सपोर्ट नंबर पर कॉल न करें।
डाउनलोड करते समय सावधानी
अनजान वेबसाइट से फ्री सॉफ्टवेयर डाउनलोड न करें, केवल आधिकारिक ऐप स्टोर का उपयोग करें, सोशल मीडिया पर दिखने वाले सॉफ्टवेयर विज्ञापनों से दूरी रखें।
किन संकेतों से पहचानें कि फोन में मैलवेयर है
डिवाइस का व्यवहार बदलना
फोन अचानक स्लो हो जाना
बार बार ऐप क्रैश होना
बैटरी जल्दी खत्म होना
ब्राउज़र और ऐप्स में बदलाव
होमपेज अपने आप बदल जाना
नए टूलबार या ऐप दिखना
लगातार पॉपअप आना
अकाउंट से जुड़ी गड़बड़ी
आपके नाम से अनचाहे मैसेज भेजे जाना
अज्ञात लॉगिन अलर्ट मिलना
अगर फोन में मैलवेयर आ जाए तो क्या करें
तुरंत उठाएं ये कदम
इंटरनेट कनेक्शन बंद करें
डिवाइस में फुल एंटीवायरस स्कैन चलाएं
सभी पासवर्ड बदलें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें
अगर समस्या बनी रहती है तो डिवाइस कंपनी या नजदीकी साइबर पुलिस से संपर्क करें।
शिकायत कहां करें
अगर आपको लगता है कि आपकी जानकारी चोरी हुई है या कोई वेबसाइट मैलवेयर फैला रही है, तो तुरंत National Cyber Crime Reporting Portal पर रिपोर्ट करें।
आज मोबाइल सिर्फ बातचीत का साधन नहीं है बल्कि बैंकिंग, काम और निजी जीवन का केंद्र बन चुका है। ऐसे में एक छोटी सी गलती बड़ा नुकसान कर सकती है। Delhi Police का यह केस याद दिलाता है कि सतर्क रहना ही सबसे मजबूत सुरक्षा है