शुभ शुक्रवार ना हो जाए अशुभ, रहिए शुक्रवार को विशेष सावधान, पढ़ लीजिए वजह

शुभ शुक्रवार

शुभ शुक्रवार कहीं अशुभ ना हो जाए। शुभ शुक्रवार को शुभ ही बनाए रखने के लिए आपको विशेष सावधान रहने की जरुरत है। ऐसा हम खास वजह से कह रहे हैं। खास इलाकों के खास साइबर अपराधियों ने शुक्रवार को अपना शुभ शुक्रवार बना लिया है। असल में ठगी करने के लिए शुक्रवार उनका फेवरिट दिन है।

जामतारा, मेवात और दक्षिण-पूर्व एशिया के स्कैमर्स को शुभ शुक्रवार क्यों पसंद है?

साइबर अपराधियों ने शुक्रवार को धोखाधड़ी करने का पसंदीदा दिन बना लिया है।
क्यों शुक्रवार?
• वीकेंड बैंकिंग की देरी
लोग अक्सर सोमवार तक संदिग्ध लेन-देन की जांच नहीं करते, जिससे स्कैमर्स को पैसे निकालने या सबूत मिटाने का समय मिल जाता है।
• कानून व्यवस्था की सुस्ती
शुक्रवार से वीकेंड शुरू होता है, जब सतर्कता और प्रतिक्रिया धीमी हो जाती है
• मनोवैज्ञानिक समय
लोग वीकेंड के चलते अधिक आराम या ध्यानभंग की स्थिति में होते हैं, जिससे वे फ़िशिंग, सेक्सटॉर्शन, डिजिटल अरेस्ट या पहचान की चोरी जैसे स्कैम्स के आसान शिकार बन जाते हैं।
NCRP (राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल) को क्या कदम उठाने चाहिए?
सक्रिय निगरानी और अलर्ट
• जामतारा, मेवात और मुंबई जैसे हाई-रिस्क क्षेत्रों को रीयल-टाइम स्कैम ट्रैकिंग के लिए चिन्हित करें।
• AI आधारित सिस्टम से शुक्रवार को फ्रॉड रिपोर्ट्स में उछाल की पहचान करें।
• 1930 हेल्पलाइन पर सप्ताहांत अतिरिक्त स्टाफ तैनात करें।
• साइबर क्राइम पुलिस स्टेशनों में पूर्ण उपस्थिति सुनिश्चित करें ताकि पोर्टल http://cyberpolice.nic.inपर शिकायतें दर्ज की जा सके।
• बैंक और वित्तीय संस्थानों के नोडल अधिकारी वीकेंड पर उपलब्ध रहें।
लक्षित जागरूकता अभियान
• हर शुक्रवार सुबह चेतावनी प्रसारित करें कि लोग सतर्क रहें।
• टेलीकॉम कंपनियाँ संदिग्ध लिंक या स्पूफ किए गए नंबरों को ऑटो-ब्लॉक करें।
कानून प्रवर्तन समन्वय
• स्कैम हॉटस्पॉट्स में शुक्रवार को गश्त और डिजिटल निगरानी बढ़ा कर अपराधियों को पकड़ा जा सकता है।
रिपोर्टिंग और प्रतिक्रिया को सरल बनाएं
• NCRP पोर्टल पर शुक्रवार-विशेष स्कैम रिपोर्टिंग के लिए इंटरफेस को बेहतर बनाएं।
• साइबर पुलिस स्टेशन से वीकेंड पर तत्काल मामलों के लिए कॉलबैक सहायता दें।

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inspector raman kumar

इसंपेक्टर रमण कुमार सिंह, दिल्ली पुलिस में सिनियर इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। वह दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के भी थानध्यक्ष रहे हैं। उन्हें साइबर क्राइम के कई अहम मामलों को सुलझाने के लिए जाना जाता है। वह साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ नामक व्हाट्स ग्रुप, बी द पुलिस ग्रुप नामक फेसबुक पज ग्रुप के संचालक हैं।

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15-05-2026