criminal जिसकी कहानी आप पढ़ने जा रहे हैं उसके खिलाफ 57 आपराधिक मामले हैं। डकैती के एक मामले में तो भोपाल पुलिस ने उस पर 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया हुआ है। दिल्ली में हुई स्नैचिंग के मामले में भी इस criminal को भगोड़ा घोषित किया गया है। उसके खिलाफ चार मामलो में गैर जमानती वारंट जारी हो चुका है। हरियाणा, दिल्ली, यूपी और मध्य प्रदेश में सक्रिय बावरिया गैंग के इस इनामी भगोड़े को दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है।
यह है वह criminal, इस तरह पकड़ा क्राइम ब्रांच ने
क्राइम ब्रांच के डीसीपी आदित्य गौतम के मुताबिक पकड़े गए criminal की पहचान श्याम सुंदर के रूप में हुई है। वह बावरिया गैंग का शीर्ष वांछित बदमाश था। बावरिया गैंग के इस प्रमुख संचालक के खिलाफ डकैती, स्नैचिंग और एनडीपीएस उल्लंघन के मामले दर्ज थे। डीसीपी आदित्य गौतम के मुताबिक क्राइम ब्रांच साइबर सेल के एसीपी अनिल शर्मा की निगरानी में इंस्पेक्टर मंजीत कुमार के नेतृत्व में एसआई जगसीर, हेडकांस्टेबल मोहित, गौरव, कांस्टेबल बिजेन्द्र और सुरेश पाल की टीम को यह कामयाबी मिली।


टीम एक सप्ताह से अधिक समय तक जांच और कई सोर्स से जानकारी और तकनीकी निगरानी के साथ साथ मुखबिर नेटवर्क को भी सक्रिय किया। आखिरकार अलीपुर में श्याम सुंदर के होने का पता लगा। पुलिस टीम ने जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। श्याम सुंदर उर्फ ओलंगा मूल रूप से यूपी के शामली का रहने वाला है।
वह 9 वीं तक की पढ़ाई कर चुका है। पुलिस के मुताबिक वह 10 साल से आपराधिक वारदातो में लिप्त रहा है। श्याम सुंदर चोरी की मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल साथियों की मदद से स्नैचिंग और डकैती करने के लिए करता था। उसका नेटवर्क कई क्षेत्रों में सक्रिय था। इसीलिए वह गिरफ्तारी से बच जाता था। वह लो प्रोफाइल रहता था और गिरफ्तारी से बचने के लिए बार-बार ठिकाने बदलता रहता था। वह पहले दिल्ली, हरियाणा, यूपी और एमपी में 57 से ज्यादा मामलों में शामिल रहा है।
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