देखें उस गैंग का वीडियो जो कारोबारियों को खास तरीके से करता था अगवा फिर इस तरह लेता था फिरौती

👁️ 683 Views

देश भर के कारोबारियों को अगवा करने के लिए यह गैंग ऐसा ताना बाना बुनता था कि कारोबारी खुद उनके पास पहुंच जाता था। फिर शुरू होती थी फिरौती लेने के लिए टार्चर करने का दौर। मौटी रकम वसूलने का तरीका भी इनका खास है। रकम गैंग तक पहुंच जाए इसके लिए हवाला आपरेटर का इस्तेमाल किया जाता था। लूट जाने के बाद ना जाने कितने काराबोरियों ने तो पुलिस से शिकायत करने की हिम्मत भी नहीं कि,  इस गैंग के खुलासे का साहस उन्होंने भी नहीं किया जो शक होते ही चंगुल से बच निकलने में कामयाब रहे मगर दिल्ली के एक कारोबारी ने वसूली की रकम देने के बाद भी शिकायत करने की हिम्मत जुटाई औऱ इस गैंग का खुलासा हो गया। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की जांच में इस गैंग के तार मेवात से महाराष्ट्र तक जुडे होने का पता चला है। https://youtu.be/GnVLcWHLKoY

क्या है मामला 

दिल्ली के शालीमार बाग निवासी अनिल कुमार गुप्ता बड़े कारोबारी हैं। उनकी प्लास्टिक कंटेनर बनाने की फैक्टरी दिल्ली के समय पुर बादली में चलती है औऱ अच्छा कारोबार है। प्लास्टिक वेस्ट से कंटेनर बनाने के इस कारोबार में उनका भतीजा भानू गुप्ता भी शामिल है। मंगला मेटल प्राइवेट लिमिटेड के नाम से उनकी फैक्टरी है।

मई के पहले सप्ताह में एक दिन फैक्टरी में खड़े उनके भतीजे को एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को सागर जैन बताया औऱ कहा कि वो महाराष्ट्र के औरंगाबाद का रहने वाला है। उसने ये भी बताया कि वो प्लास्टिक वेस्ट का काम करता है औऱ उनको बैटरी प्लास्टिक वेस्ट दे सकता है। चौदह मई 2018 को अनिल औऱ बानू ने पलवल से ओवरनाइट कोरियर से एक लिफाफा पाया जिसमें सागर जैन का भेजा हुआ सैंपल था। अब क्योंकि सैंपल बिल्कुल ठीक था। सागर जैन ने अनिल को डिलवरी औऱ भुगतान के लिए औरंगाबाद आने के लिए बोला। 21 मई 2018 को अनिल जैन हवाई जहाज से औरंगाबाद पहुंच गए। हवाई अड्डे पर स्कार्पियों में दो शख्स पहले ही उनका इंतजार कर रहे थे। वो उन्हें लेकर स्लम इलाके में बने एक स्थान पर ले गए। वहां पहले से ही 6-8 लोग हथियारों से लैस मौजूद थे। उन्होंने तत्काल अनिल से उनका फोन छीन लिया औऱ उनसे 2 लाख रूपये से बरा बैग भी। इसके साथ ही वो उनसे औऱ पैसों की मांग करने लगे।

टार्चर कर अनिल को मजबूर कर उनसे उनके भतीजे भानू को फोन कराया गया। अनिल ने भानू को कहा कि वो 8 लाख रूपये का इंतजाम कर चांदनी चौक के हवाला कारोबारी को दे दे। भानू ने डील कामयाब मानकर 8 लाख रूपये हवाला आपरेटर को दे दिए।

अनिल की शिकायत

वसूली के बाद अनिल को हवाई अड्डे से दो किमी पहले छोड़ दिया गया।  अनिल ने वापस आकर दिल्ली पुलिस के क्राईम ब्रांच से संपर्क किया। अनिल की शिकायत पर क्राइम ब्रांच पुलिस थाने में एफआईआर नंबर 153/18 u/s 364-A/365/394/397/34 दर्ज की गई। जांच के बाद पुलिस ने महाराष्ट्र के जलगांव निवासी जितेन्द्र बाबू राव पाटिल, दानेश्वर रतन र निलेश अनिल चव्हाण को गिरफ्तार किया। इन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लेकर वारदात में इस्तेमाल की गई स्कार्पियो बरामद की गई।

यह है गैंग

पूछताछ में गिरफ्तार लोगों ने पुलिस को बताया है कि मेवात के 6-7 लोगों के साथ मिलकर ये लोग कारोबारियों को लालच देकर अगवा करते हैं और उनसे मोटी रकम वसूली जाती है। 7 जुलाई को भी उन्होंने जयपुर के एक कारोबारी को आल्यूमुनियम स्क्रैप की लालच देकर औरंगाबाद बुलाया था वह वहां पहुंचा भी लेकिन उसे इन पर शक हो गया इसलिए वो इनकी कार में बैठा ही नहीं। इसी तरह द्वारका के एक ड्राइ फ्रूट कारोबारी से भी ये वसूलने की साजिश रच चुके हैं। दिल्ली क्राइम ब्रांच इनसे औऱ साथियों की तलाश कर रही है ताकि पता लग सके कि इन्होंने देश भर के कितने कारोबारियों को चपत लगाई है।

 

 

 

Latest Posts

Breaking News
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | Panaji police cyber crime model: क्या पूरे देश में लागू हो सकता है गोवा पुलिस का सुरक्षा मॉडल | cisf raising day: मेट्रो से एयरपोर्ट तक CISF की अनकही कहानी | क्या आप जानते हैं डिजिटल सेतु और इसके फायदों को | QR code स्कैम से सावधान, जान लें बचने के ये उपाय | प्राइवेसी सेटिंग्स के बारे में जान लें ये जरूरी बातें | क्या आप जानते हैं किसी लिंक पर क्लिक करने के खतरे से बचने का उपाय ? | वर्दी बताएगी अनुभवः CISF में इस फैसले से वरिष्ठ कांस्टेबलों को मिली नई पहचान | अब आपका whatsapp ऐसे चलेगा, जान लें ये जरूरी नियम | दिल्ली में फर्जी ईडी रेड का सनसनीखेज खुलासा, मेड ही निकली मास्टरमाइंड | जान लीजिए मैसेजिंग ऐप्प पर ढील से कैसे बढ़ रहा है साइबर क्राइम |
06-03-2026