सामूहिक सुसाइड ने मचाई सनसनी

0
324

गाजियाबाद, इंडिया विस्तार। गाजियाबाद के इंदिरापुरम् में मंगलवार की सुबह सामूहिक आत्महत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया। इस मामले में पति पत्नी औरपति की महिला मित्र ने अपने आठवें फ्लोर के फ्लैट से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।यह कदम उठाने से पहले उन्होंने घर में मौजूद अपने दो बच्चों की हत्या कर दी थी।

 

गुलशन कुमार अपनी पत्नी प्रवीण और महिला सहायिका संजना और दोनों बच्चों के साथ वैभव खंड के कृष्णा सफायर अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल में रहते थे। पुलिस का कहना है कि आर्थिक तंगी होने से आत्महत्या की गई है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इंदिरापुरम में हड़कंप मच गया है।

जैसे ही बिल्डिंग के गार्ड ने जमीन पर लाशों को देखा तो पुलिस को बुलाया। पुलिस आई तो वह गुलशन के घर पर गई। जहां पर बेटा-बेटी की गला दबाकर पहले ही हत्या कर दी गई थी। पुलिस की ओर से कहा गया है कि गुलशन कुमार ने राकेश वर्मा को 2 करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन उसने पैसे वापस नहीं किए थे। एक-दो बार पैसे वापस देने की कोशिश की तो राकेश वर्मा के चेक ही बाउंस हो गए। पुलिस ने बताया कि  राकेश वर्मा गुलशन कुमार के साढू हैं। घर की दीवार पर लिखे गए सुसाइड नोट में बाउंस चेक के बारे में लिखा गया है, साथ ही लिखा गया है कि ‘हमारी तमन्ना है कि लाशों को एक साथ जलाएं…

इस मामले में पुलिस मृतक के रिश्तेदार साढू की तलाश कर रही है। तीन टीमें बनानी गयी है। गुलशन वशुदेव के परिवार के दोस्त ने बताया कि मरने से पहले गुलशन ने उसे मैसेज किया।

3 बज कर 38 मिनट सुबह में फिर परिवार के दोस्त रमेश अरोड़ा ने वीडियो कॉल किया जिसमें बच्चो की तस्वीर ओर लटकता रस्सी दिखाया और कहाँ सब कुछ खत्म हो गया है।  रमेश ने ऐसी हरकत करने के लिए मना किया। रमेश ने ये भी बताया कि कोलकाता के एक वयापारी ने भी गुलशन से लाखों का माल उधार लिया था। जो उसे नही मिल रहा था। इसलिए आज 11 बजे की कोलकाता जाने वाला भी था। गुलशन ने कल शाम को दोपहर को सोसाइटी के गार्ड को कपडे मिठाई, ओर जैकेट भी बाटे थे।

गुलशन के घर से सल्फास की गोली  सुई, मिली है। अभी तक अनुमान लगाया जा रहा है कि बेटी कृतिका 19 साल बेटा 13 साल रितिक बेटी को रस्सी से गला दबाया गया। बेटे को गले पर चाक़ू से हमला किया गया। फिर बालकनी में तीन कुर्सी लगाई गई और फिर गुलशन ,पत्नी ओर महिला संजना ने छलांग लगा दी। संजना इनके साथ रह रही थी यो लोग डेढ महीने पहले इस सोसाइटी में रहने आये थे। इससे पहले इंदिरापुरम के एटीएस में रह रहे थे। गुलशन की गांधी नगर में जीन्स की फैक्ट्री और दुकान थी। जिसे संजना भी देखती थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

4 − three =