private browsing क्यों है जरूरी और कैसे बचाता है ये आपको दुनिया भर के फ्राड से

private browsing

private browsing आपको कई तरह की जालसाजी से बचाता है। साइबर ठग private browsing करने वालों को बड़े सारे तरीके से बचाता है। इसलिए private browsing जरूरी है। खासकर साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन प्राइवेसी के लिहाज से। तो आइए इस पोस्ट में जानते हैं कि private browsing कैसे आपको सेफ रखता है।

private browsing के ये हैं फायदे

ब्राउज़िंग हिस्ट्री स्टोर्ड नहीं होता – आपका ब्राउज़र विजिट किए गए वेबसाइट्स, सर्च क्वेरीज़ या फॉर्म एंट्रीज़ को सेव नहीं करता, जिससे संवेदनशील खोजों को निजी रखने में मदद मिलती है। कुकी ट्रैकिंग को रोकता है – वेबसाइट्स आपकी गतिविधि को ट्रैक करने वाली कुकीज़ स्टोर नहीं कर पातीं, जिससे लक्षित विज्ञापनों और व्यक्तिगत मूल्य निर्धारण को कम किया जाता है।

  1. व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा करता है – यदि आप शेयर्ड या पब्लिक डिवाइस का उपयोग कर रहे हैं, तो निजी ब्राउज़िंग यह सुनिश्चित करता है कि आपकी लॉगिन डिटेल्स और ऑटोफिल डेटा सेव न हों।
  2. मूल्य हेरफेर से बचाता है – कुछ ऑनलाइन विक्रेता ब्राउज़िंग इतिहास के आधार पर कीमतें एडजस्ट करते हैं। निजी ब्राउज़िंग इसे रोकने में सहायक हो सकती है।
  3. ऑटोफिल सुझावों को रोकता है – आपके सर्च और फॉर्म प्रविष्टियाँ संग्रहीत नहीं होतीं, जिससे भविष्य में अवांछित ऑटोफिल सुझावों से बचा जा सकता है।
  4. टारगेटेड एड्स को कम करता है – विज्ञापनदाता ब्राउज़िंग डेटा पर निर्भर रहते हैं ताकि वे आपके लिए व्यक्तिगत विज्ञापन बना सकें। निजी ब्राउज़िंग उनकी ट्रैकिंग क्षमताओं को सीमित कर सकती है। प्राइवेट ब्राउज़िंग गोपनीयता बढ़ाती है, लेकिन यह आपको पूरी तरह से गुमनाम नहीं बनाती। आपका इंटरनेट सेवा प्रदाता (ISP) और वेबसाइट्स आपके IP एड्रेस को ट्रैक कर सकते हैं। अधिक सुरक्षा के लिए, VPN या Tor का इस्तेमाल करें।

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inspector raman kumar
इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह,दिल्ली पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर तैनात है । वे दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष रहे है । वे साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ व्हाट्सएप्प ग्रुप और बी द पुलिस नाम से फेसबुक पेज और फेसबुक ग्रुप के संचालक है ।

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