bsf ने जब बंगाल के इस जगह में छापेमारी की तो बगीचे में बने भूमिगत टैंकर से निकला वो समान जिसे देख सब रह गए हैरान

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bsf यानि सीमा सुरक्षा बल दक्षिण बंगाल फ्रंटियर की टीम भी नहीं जानती थी कि छापेमारी में उनके सामने ऐसा नजारा होगा। bsf दक्षिण बंगाल फ्रंटियर की 32 वीं वाहिनी की सीमाचौकी टूंगी के जवानो ने गुप्ता जानकारी के आधार पर तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान तीन भूमिगत टंकियों का पता लगा। इनमें से दो टंकी घने बगीचे में छिपाकर और तीसरी टंकी सीजीआई शीट की झोपड़ी के नीचे बनाया गया था। टंकी के अंदर का नजारा सबको हैरान कर देने वाला था।

bsf के हाथ ऐसे लगा सुराग

मामला पश्चिम बंगाल की भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नदिया जिले के किशनगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत मझदिया कस्बे के नागहटा इलाके का है। इस ऑपरेशन में 03 भूमिगत स्टोरेज टंकी से 62,200 फेंसिडिल की बोतलों की भारी मात्रा में खेप बरामद की गई जिसकी अनुमानित कीमत ₹ 1,40,58,444/- आँकी गयी है। फेंसिडिल की इतनी बड़ी खेप बरामद होने से तस्करों को बहुत बड़े नुकसान के रुप में देखा जा रहा है और उनका नेटवर्क पूरी तरह से हिल गया है।

खुफिया जानकारी के आधार पर बीएसफ दक्षिण बंगाल फ्रंटियर की 32वीं वाहिनी की सीमाचौकी टूँगी के जवानों ने दोपहर नदिया जिले के मझदिया कस्बे के अंतर्गत नागहटा इलाके में एक संगठित घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। इस ऑपरेशन में बीएसफ के अधिकारियों, जवानों और स्थानीय पुलिस प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। तलाशी के दौरान जवानों ने 03 भूमिगत स्टोरेज टंकी का पता लगाया।

इनमें से दो टंकी घने बगीचों के बीच छुपा कर बनाए हुए थे, जबकि एक टंकी सीजीआई शीट की झोपड़ी के नीचे बनाया गया था। बंकरों को खोलनें के बाद उनके अंदर से फेंसिडिल की बोतलों से भरी हुई पेटियां बरामद हुई, जिनके अंदर से 62,200 फेंसिडिल की बोतलें मिली व इनकी अनुमानित कीमत 1,40,58,444/- आँकी गई। फेंसिडिल की इतनी बड़ी खेप देखकर हर कोई हैरान रह गया।

इस बरामदगी ने क्षेत्र में सक्रिय तस्करी नेटवर्क की गहराई और उनके योजनाबद्ध षड्यंत्रों को उजागर कर दिया। जब्त की गई फेंसेडिल की खेप को आगे की क़ानूनी कारवाई के लिए सम्बंधित विभाग को सौंप दिया गया है। बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के प्रवक्ता ने इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि सीमा सुरक्षा बल के जवानों की सतर्कता, साहस और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि तस्करों के इस जटिल नेटवर्क पर और अधिक जानकारी जुटाई जा रही है, जिससे आने वाले समय में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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23-07-2026