सुशांत सिंह राजपूत केस को सीबीआई को सौंपते समय यह कहा सुप्रीम कोर्ट ने

sushant singh rajpoot

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच CBI करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ कर दिया है। सुशांत मामले की जांच बिहार सरकार की सिफारिश पर सीबीआई को सौंपी गई थी। सुशांत मामले पर सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से महाराष्ट्र सरकार को झटका लगा है।

सुशांत मामले का फैसला देते समय सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमने शक्तियों के संदर्भ पर विचार किया है, धारा 174 के तहत आयोजित जांच एक यूनीक उद्देश्य के लिए है, बिहार सरकार सीबीआई जांच के लिए सहमति दे सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने मुम्बई पुलिस को कहा कि सभी दस्तावेज सीबीआई को दे। सुशांत मामले पर फैसला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बिहार पुलिस की FIR सही ठहराया। कोर्ट ने कहा कि मुंबई पुलिस सीबीआई जांच में सहयोग करे
सुशांत मामले पर  महाराष्ट्र सरकार ने जांच सीबीआई को ट्रांसफर करने को चुनौती देने के लिए स्वतंत्रता मांगी
तो सुप्रीम कोर्ट ने इंकार किया।

सुशांत मामले पर फैसला देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राजपूत की आत्महत्या के पीछे के रहस्य की जांच के लिए CBI को एकमात्र अधिकार होने के बारे में कोई भ्रम ना हो।और कोई भी अन्य राज्य पुलिस इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती थी। CBI न केवल पटना एफआईआर बल्कि राजपूत की मौत मामले से जुड़ी किसी अन्य एफआईआर की जांच करने में सक्षम होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि मुंबई पुलिस ने सुशांत की मौत के लिए केवल एक्सीडेंटल मौत की रिपोर्ट दर्ज की थी, इसलिए इसमें सीमित जांच शक्तियां थीं। चूंकि बिहार पुलिस ने एक पूरी एफआईआर दर्ज की है, जिसे पहले से ही सीबीआई को भेज दिया गया है इसलिए केंद्रीय एजेंसी को मामले की जांच करनी चाहिए।

सुशांत पर सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से सुशांत समर्थकों और सुशांत परिवार में खुशी की लहर दौड़ी। सबने कहा कि न्याय की उम्मीद अब जगी है।

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | CKYC नंबर है या नहीं? अभी जानें, एक नंबर से आसान होगी बैंकिंग और बढ़ेगी साइबर सुरक्षा | श्राद्ध में कौवे को पहला ग्रास क्यों दिया जाता है? जानिए काक बलि का रहस्य | ऑपरेशन Cy-Vajra में बड़ा खुलासा, 8 फर्जी कॉल सेंटर सील, 49 गिरफ्तार, ऐसे काम करता है साइबर ठगी का नेटवर्क | RBI आंतरिक लोकपाल (Internal Ombudsman) क्या है? साइबर फ्रॉड पीड़ितों के लिए शिकायत निवारण का मजबूत सुरक्षा तंत्र | दिल्ली ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, जानिए कैसे मिलकर काम करती हैं Delhi Traffic Police और दूसरी एजेंसियां | बिना डेटा वाला मोबाइल रिचार्ज प्लान क्यों बन रहा है लोगों की पहली पसंद? | क्या आपका स्मार्टफोन आपकी जासूसी कर रहा है? जेब में रखा फोन कैसे बन सकता है निगरानी का सबसे बड़ा हथियार | भारत में डिजिटल इंडिया अभियान का अगला बड़ा पड़ाव गांवों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाना माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारतनेट, 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी तकनीकों को ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने के लिए कई प्रयास हुए हैं। अब इन्हीं प्रयासों को नई गति देने का दावा एक ऐसे मॉडल के जरिए किया गया है, जिसमें भारतीय स्टार्टअप, देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान और सरकारी अनुसंधान संगठन एक साथ काम कर रहे हैं। | वन्दे माँ नर्मदे: माँ नर्मदा की महिमा, इतिहास और भारतीय संस्कृति को समर्पित महत्वपूर्ण कृति | रांची में हैं मनोकामना पूरी करने वाले वृक्ष |
18-07-2026