Mobile tower installation: पांच लोगों का एक खास गैंग मोबाइल टावर के उपकरणों को कैसे उड़ाता था जानकर हैरान हो जाएंगे आप

mobile tower installation

Mobile tower installation: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मोबाइल टावर उपकरणों की चोरी/बिक्री/खरीद में शामिल अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह के सरगना समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनसे करीब 1.7 करोड़ रुपये का सामान बरामद किया गया है। आरोप है कि गैंग के लोग अब तक 3 हजार से ज्यादा जियो पावर बैट्री बेच चुके हैं। इनकी गिरफ्तारी से दिल्ली, हरियाणा, यूपी, पंजाब और राजस्थान में अब तक चोरी के 41 मामलों का खुलासा हुआ है।

Mobile tower installation: गैंग के लोग और खास टारगेट

क्राइम ब्रांच डीसीपी संजय कुमार सैन के मुताबिक गिरफ्तार लोगों की पहचान फारुक,अब्दुल तालिब, शाहिद, वसीम और हरदीप के रूप मे हुई है।इनकी निशानदेही पर 02 आरआरयू और 146 जियो बैटरी जिनमें से प्रत्येक की कीमत ₹1.25/लाख रुपये होती है को बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक इनकी गिरफ्तारी से दिल्ली, हरियाणा, यूपी, पंजाब और राजस्थान में दर्ज चोरी के कुल 41 मामलों का खुलासा किया गया है।

इन्हें एसीपी रमेश लांबा की निगरानी और इंस्पेक्टर शिवराज सिंह बिष्ट के नेतृत्व में महिला एसआई सिमरजीत कौर, एसआई रविंदर कुमार, देवेंद्र, संजय, एएसआई वीरेंद्र और एएसआई रतन सिंह की टीम ने दबोचा। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे कबाड़ की दुकान चलाते हैं और चोरी के उपकरणों को ऊंचे दामों पर बेचने के इरादे से इनकी खरीद-फरोख्त करते हैं। इस तरह वे संगठित तरीके से गिरोह चला रहे थे।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बुलंदशहर और मेरठ में अपने साथियों से चोरी का सामान खरीदते थे और आगे इन उपकरणों को अपने अन्य साथियों को बेचते थे। बरामद बैटरियों के विवरण की जांच करने और जियो कंपनी के प्रतिनिधियों की मदद से इसके सत्यापन पर पता चला कि बरामद बैटरियों में से 132 जियो बैटरियां दिल्ली, हरियाणा, यूपी, पंजाब और राजस्थान से चोरी की गई हैं।

यह भी पढ़ेंः

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | पेंशन अदालत क्या है? पेंशनभोगियों की शिकायतों के समाधान की पूरी जानकारी | अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस: क्यों मनाया जाता है और हर नागरिक के लिए इसका क्या महत्व है? | CKYC नंबर है या नहीं? अभी जानें, एक नंबर से आसान होगी बैंकिंग और बढ़ेगी साइबर सुरक्षा | श्राद्ध में कौवे को पहला ग्रास क्यों दिया जाता है? जानिए काक बलि का रहस्य | ऑपरेशन Cy-Vajra में बड़ा खुलासा, 8 फर्जी कॉल सेंटर सील, 49 गिरफ्तार, ऐसे काम करता है साइबर ठगी का नेटवर्क | RBI आंतरिक लोकपाल (Internal Ombudsman) क्या है? साइबर फ्रॉड पीड़ितों के लिए शिकायत निवारण का मजबूत सुरक्षा तंत्र | दिल्ली ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी, जानिए कैसे मिलकर काम करती हैं Delhi Traffic Police और दूसरी एजेंसियां | बिना डेटा वाला मोबाइल रिचार्ज प्लान क्यों बन रहा है लोगों की पहली पसंद? | क्या आपका स्मार्टफोन आपकी जासूसी कर रहा है? जेब में रखा फोन कैसे बन सकता है निगरानी का सबसे बड़ा हथियार | भारत में डिजिटल इंडिया अभियान का अगला बड़ा पड़ाव गांवों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाना माना जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भारतनेट, 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी तकनीकों को ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने के लिए कई प्रयास हुए हैं। अब इन्हीं प्रयासों को नई गति देने का दावा एक ऐसे मॉडल के जरिए किया गया है, जिसमें भारतीय स्टार्टअप, देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान और सरकारी अनुसंधान संगठन एक साथ काम कर रहे हैं। |
21-07-2026