Loksabha election-चुनावों में जब्ती 75 सालों का रिकार्ड तोड़ने की ओर अग्रसर

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Loksabha election-सोशल मीडिया कैंपेंन और डिजिटल कैंपेन भी चुनावों में पैसा और शराब को पीछे नहीं छोड़ सकी है। प्रलोभन देने वाली सारी चीजें चरम पर हैं, इतने चरम पर कि लोकसभा चुनावों के 75 साल के इतिहास में अब तक की सबसे अधिक प्रलोभन संबंधी सामग्री जब्त होने की कगार पर है। 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान शुरू होने से पहले धनबल के खिलाफ निर्वाचन आयोग के निर्देशन में विभिन्न एजेंसियों ने 4650 करोड़ से अधिक रुपये की रिकार्ड जब्ती की है।

Loksabha election-पिछले सालों से कई गुणा ज्यादा

साल 2019 में 3475 करोड़ रुपये से अधिक की जब्ती की गई थी। इस बार यह रिकार्ड अभी ही टूट चुका है। यहां यह भी गौर करने लायक है कि जब्ती में से 45 प्रतिशत ड्रग्स और नशीले पदार्थों की है। निर्वाचन आयोग इसी पर विशेष ध्यान दे भी रहा है। सीईसी राजीव कुमार ने पिछले महीने चुनावों की घोषणा करते हुए धन शक्ति को जोर देकर 4एम चुनौतियों में से एक बताया था।

12 अप्रैल को, सीईसी श्री राजीव कुमार के नेतृत्व में आयोग ने ईसी ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू के साथ 19 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान में तैनात सभी केंद्रीय पर्यवेक्षकों की समीक्षा की। विचार-विमर्श मुख्‍य रूप से प्रलोभन-मुक्त चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सख्ती, निगरानी और जांच पर केन्द्रित था। बढ़ी हुई बरामदगी विशेष रूप से छोटे और कम संसाधन वाले दलों के पक्ष में ‘समान अवसर’ के लिए प्रलोभनों की निगरानी करने और चुनावी कदाचार पर अंकुश लगाने के लिए ईसीआई की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भी हुई कार्रवाई

तमिलनाडु के नीलगिरी में आयोग ने ढिलाई और एक प्रमुख नेता के काफिले को चुनिंदा तरीके से जांच करने के लिए फ्लाइंड स्क्वायड टीम के लीडर को निलंबित कर दिया था। विभिन्न मामलो में आयोग ने 106 सरकारी सेवकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की है। यह लोग चुनाव प्रचार में राजनेताओं की सहायता करते हुए आचार संहिता और निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पाए गए।

विभिन्न एजेंसियों के आपसी समन्वय और चुनाव आयोग के निर्देश की बदौलत लगातार की जा रही कार्रवाई में जब्ती की जा रही है। सीईसी ने चुनाव की घोषणा करते समय ही सार्वजनिक परिवहन के साभी साधनों की बहुआयामी निगरानी की बात कही थी। यही नहीं तमाम अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया था कि हेलीकाप्टर आदि की उड़ान में वह निर्धारित समय का ध्यान रखें।

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21-07-2026