दिल्ली में एक बहुत बड़े क्राइम सिंडिकेट का कैसे हुआ खुलासा जानिए पूरी कहानी, डीसीपी की जुबानी, वीडियो भी देखें

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। अपनी तरह के पहले केस में बाहरी दिल्ली पुलिस ने क्राइम के एक बहुत बड़े सिंडिकेट का खुलासा किया है। इस क्राइम सिंडिकेट का काम दो पहिया वाहन चोरी कर उसे क्राइम से लेकर गर्ल फ्रैंड को घुमाने तक  के लिए मुहैया कराना था। पुलिस ने इस क्राइम सिंडिकेट को दबोचने के लिए एक खास दस्ते का गठन किया था। इगल स्क्वायड नामक इस दस्ते की देखरेख दो एसीपी स्तर के पुलिस अफसर कर रहे थे। पुलिस ने उस सिंडिकेट के 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर 116 दोपहिया(बाइक/स्कूटी बरामद किए गए हैं।

जानिए पूरी कहानी डीसीपी की जुबानी

 

पिछले कुछ महीनो में पुलिस जांच में पता लगा था कि वाहनचोर, झपटमार औऱ मिडिल मैन बीच एक नेक्सस चल रहा है। इस नेक्सस के तहत वाहन चोर स्कूटी या बाइक चोरी कर उसे मिडिलमैन के माध्यम से किराए या कमीशन के आधार पर लुटपाट या स्नैचिंग के लिए उपलब्ध कराते थे। महंगी मोटरसाइकिल बदमाशों को गर्लफ्रेंड को घुमाने के लिए भी उपलब्ध कराया जाता था। कई बार वाहन चोर सीधा बदमाशों को बाइक या स्कूटी देते थे।पुलिस को ये भी पता लगा था कि चोरी के दुपहिया को बदमाश अपने घर के सामने पार्क करने की बजाय पार्क के बाहर, नाले के पास या पार्किंग में खड़ी करते थे।

इस सूचना के आधार पर बाहरी दिल्ली डीसीपी डा. अ कोन ने ईगल स्कावयड नाम से दस्ता बनाया।  इस दस्ते में राज पार्क और मंगोलपुरी पुलिस थाने के स्टाफ थे। इस दस्ते का नेतृत्व राज पार्क थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर अशोक कुमार औऱ मंगोलपुरी थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर मुकेश कुमार के जिम्मे थी। देखरेख अएसीपी मंगोलपुरी विरेन्द्र काद्यान औऱ ईशान भारद्वाज कर रहे थे।

ईगल स्कावयड ने जिपनेट की मदद से इलाके में संदिग्ध स्कूटी और बाइक की जांच और जब्त करना शुरू किया। योजना के तहत आपरेशन ईगल आई की शुरूआत की गई। 25 सितंबर को हेड कांस्टेबल राजेश और कांस्टेबल घनश्याम ने मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र में दो लावारिस वाहन देखा। शक होने पर जांच की गई तो पता लगा कि दोनो वाहन तिलक नगर औऱ साउथ रोहिणी से चोरी किए गए हैं। इस सूचना को तत्काल सीनियर अफसरों से चर्चा कर संदिग्ध वाहनो के पास जाल बिछाया गया।  कुछ समय बाद दो स्कूटी पर सवार चार संदिग्ध लोग मोटरसाइकिल के पास पहुंचे ।  उन्हें हिरासत में लिया गया। उनकी पहचान दीपक, मनीष, सूरज औऱ निखिल के रूप में हुई। तलाशी में इनके पास से एक देशी कट्टा औऱ कारतूस भी बरामद हुए। इनसे पूछताछ के आधार पर 10 और बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। इनके नाम-विक्रम उर्फ विक्की, राशिद, जोगिन्दर उर्फ नवीन, असीम उर्फ हासिम, सुमित, सुमित उर्फ चिकना, रोहित, अमित उर्फ काला उर्फ कालू, योगेश और सागर हैं।

पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया हाइएंड मोटरसाइकिल गर्ल फ्रैंड को घुमाने के लिए मुहैया कराया जाता था जबकि उससे सस्ते मोटरसाइकिल औऱ स्कूटी बदमाशों को लूटपाट के लिए कमीशन के आधार पर दिया जाता था। इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड विक्रम उर्फ विक्की है। वह राज पार्क का घोषित बदमाश है। उसे 2015 में मकोका के तहत गिरफ्तार किया गया था मगर 2018 में वह बरी हो गया। विक्रम की अनुपस्थिति में राशिद इस सिंडिकेट की देखरेख करता था।

विक्रम दो महीने पहले ही पैरोल पर जेल से बाहर आया था। पुलिस ने इन 14 बदमाशों की निशानदेही पर 116 मोटरसाइकिल बरामद किए हैं। बरामद मोचरसाइकिलों में सबसे ज्यादा 18 पल्सर बाइक हैं।

 

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