जानिए कि fake sim कैसे बन रहा साइबर ठगों का मजबूत हथियार

fake sim

fake sim साइबर अपराध का हथियार बन रहा है। साइबर अपराधी बड़े शातिराना तरीके से ठगी में fake sim का इस्तेमाल कर रहे हैं। आपको भी यह जान लेना चाहिए कि आपके नाम पर कितने सिम चल रहे हैं। fake sim के खिलाफ लड़ाई में आपकी सतर्कता ना केवल योगदान साबित होगी बल्कि साइबर क्राइम पर नकेल कसने में भी मदद करेगी।

fake sim का खेल

दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों (जैसे कि कंबोडिया) से चल रहे बड़े पैमाने पर निवेश धोखाधड़ी और डिजिटल गिरफ्तारी स्कैम में भारतीय मोबाइल नंबरों का दुरुपयोग हो रहा है।
हजारों सिम कार्ड फर्जी तरीके से जारी किए जा रहे हैं—जब कोई ग्राहक सिम लेने जाता है और बायोमेट्रिक सत्यापन करता है, तो उसकी जानकारी से कई सिम बिना जानकारी के जारी कर दी जाती हैं।
अब जिम्मेदारी लें: जानें आपके नाम पर कितनी सिम चल रही है
Sanchar Saathi पोर्टल पर जाएं: http://sancharsaathi.gov.in
अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें
OTP से लॉगिन करें
सभी सक्रिय सिम की सूची देखें
जो सिम आप इस्तेमाल नहीं कर रहे, उन्हें तुरंत ब्लॉक करें
यह कदम उठाकर आप खुद को और देश को साइबर खतरे से बचा सकते हैं।
अगर आपको कोई संदिग्ध कॉल, SMS या WhatsApp मैसेज मिले—तो तुरंत रिपोर्ट करें!
Chakshu सुविधा का उपयोग करें:
Report Fraud Communication
रिपोर्टिंग प्रक्रिया: वेबसाइट पर जाएं “Report Suspected Fraud Communication” विकल्प चुनें। कॉल, SMS या WhatsApp मैसेज का विवरण भरें। रिपोर्ट सबमिट करें।
अगर आपने पैसे गंवाए हैं, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या http://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। भारत की साइबर सुरक्षा में आपकी भूमिका बेहद अहम है!अगर हर नागरिक अपने नाम पर चल रही सिम की जांच करे और फर्जी सिम को बंद करे, तो साइबर अपराध की जड़ें कमजोर होंगी।
जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है—इस जानकारी को अपने परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों के साथ जरूर साझा करें।
साइबर अपराध को रोकने का पहला कदम: अपनी पहचान की सुरक्षा करें।
Sanchar Saathi और Chakshu—आपके डिजिटल प्रहरी।
भारत की साइबर सुरक्षा की शुरुआत आपसे होती है।
अपनी पहचान को ठगों के हाथों में हथियार मत बनने दें।
अपनी सिम की जांच करें
फर्जी सिम को ब्लॉक करें
Chakshu पर हर स्कैम की रिपोर्ट करें

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    inspector raman kumar
    इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह,दिल्ली पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर तैनात है । वे दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष रहे है । वे साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ व्हाट्सएप्प ग्रुप और बी द पुलिस नाम से फेसबुक पेज और फेसबुक ग्रुप के संचालक है ।

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    02-11-2026