online gaming app के हैं शौकिन तो जान लीजिए इस कानून की सारी बातें

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online gaming app का शौक रखते हों तो इस नए कानून के बारे में सारी बातें जरुर जान लेना चाहिए। online gaming app के दुरुपयोग को देखते हुए ही सरकार ने नया कानून बनाया है। लोकसभा में पास हो गए online gaming के इस कानून की सारी जानकारी रखना आपके लिए भी जरुरी है।

online gaming app: लोकसभा ने पारित रियल मनी गेमिंग पर रोक लगाने वाला बिल “

मुख्य विधायी विकास

पारित हुआ बिल: ऑनलाइन गेमिंग का प्रचार और विनियमन विधेयक, 2025

  • उद्देश्य: ऑनलाइन मनी गेम्स—विशेष रूप से फैंटेसी स्पोर्ट्स और कार्ड गेम्स में पैसे लगाने वाले खेलों को प्रतिबंधित और नियंत्रित करना।
    बिल क्या-क्या प्रतिबंधित करता है
    यह बिल निम्नलिखित गतिविधियों पर रोक लगाता है:
  • ऐसे गेम्स की पेशकश या संचालन
  • उनका प्रचार, विज्ञापन या सुविधा प्रदान करना
  • भागीदारी को बढ़ावा देना
  • ऐसे गेम खेलना जिसमें पैसे जमा करना और जोखिम लेना शामिल हो
    लक्षित प्लेटफॉर्म:
  • फैंटेसी स्पोर्ट्स (जैसे Dream11 जैसे ऐप्स)
  • कार्ड गेम्स (जैसे रम्मी, पोकर)
    प्रतिबंध के पीछे तर्क
    बिल को राष्ट्रीय हित में तैयार किया गया है, जिसमें शामिल हैं:
  • सामाजिक नुकसान: लत और पारिवारिक विघटन
  • वित्तीय नुकसान: बचत की हानि, कर्ज के जाल
  • मानसिक नुकसान: मानसिक स्वास्थ्य में गिरावट
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता: तनाव, चिंता और संबंधित विकार
    प्रस्तावित दंड
    अधिकतम 3 साल की जेल या ₹10 लाख जुर्माना |
    | पुनरावृत्ति | अधिकतम 5 साल की जेल या ₹20 लाख जुर्माना |
    नियामक स्पष्टता
  • बिल में अंतर किया गया है:
    o अनुमेय ऑनलाइन गेम्स: कौशल-आधारित, गैर-आर्थिक
    o प्रतिबंधित गेम्स: पैसे वाले दांव वाले खेल
  • यह अनुमेय गेम्स के नियमन की अनुमति देता है ताकि वे भ्रामक या शोषणकारी न हों।
    उद्योग पर प्रभाव
  • Dream11, Mobile Premier League, Kridja Legal जैसे प्लेटफॉर्म को संचालन में कठिनाई या बंदी का सामना करना पड़ सकता है।
  • यह बिल भारत के ऑनलाइन गेमिंग परिदृश्य को पुनः आकार दे सकता है—नैतिक और गैर-आर्थिक प्रारूपों की ओर बढ़ते हुए।

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inspector raman kumar

इसंपेक्टर रमण कुमार सिंह, दिल्ली पुलिस में सिनियर इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। वह दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के भी थानध्यक्ष रहे हैं। उन्हें साइबर क्राइम के कई अहम मामलों को सुलझाने के लिए जाना जाता है। वह साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ नामक व्हाट्स ग्रुप, बी द पुलिस ग्रुप नामक फेसबुक पज ग्रुप के संचालक हैं।

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