कोलकाता केस में क्या सीबीआई के सबूत काफी हैं सजा दिलाने के लिए

कोलकाता केस

कोलकाता केस में सीबीआई ने अपनी चार्जशीट 58 दिनों में ही पेश दाखिल कर दी है। आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर से रेप एंड हत्या मामले में सीबीआई ने आरोपी संजय रॉय के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। सियालदह कोर्ट में दायर चार्जशीट में सिविक वॉलेंटियर संजय रॉय को मुख्य आरोपी बनाया गया है और उसके खिलाफ सीबीआई ने कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में 11 सबूत पेश किये हैं।

कोलकाता केस में सीबीआई के ये हैं सबूत

संजय रॉय के खिलाफ जिन धाराओं में केस दर्ज किये गये हैं, कोर्ट में यदि वो साबित होते हैं, तो उसके लिए आजावीन कारावास या फांसी की सजा से बचना मुश्लिक होगा। नौ अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में लेडी डॉक्टर का शव मिला था। पोस्टमार्टम के बाद रेप के बाद हत्या की पुष्टि हुई थी। कोलकाता पुलिस ने सिविक वॉलेंटियर संजय रॉय को सबूतों के आधार पर गिरफ्तार किया था।

सीबीआई की चार्जशीट में पीड़िता को V नाम दिया गया है। चार्जशीट के मुताबिक संजय रॉय के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले है। 8 और 9 अगस्त की रात को संजय रॉय का अस्पताल और सीन और क्राइम पर मौजूद होना बड़ा सबूत है जो कि सीसीटीवी फुटेज से साफ है। इसके अलावा संजय रॉय की आरजी कर अस्पताल में 8 और 9 अगस्त की रात को मोबाइल लोकेशन से भी उसकी उपस्थिति साबित होती है।

इसके अलावा ये सबूत हैंः
1.आरोपी का डीएनए पोस्टमॉर्टम के दौरान मृतिका V की डेड बॉडी से मिलना।
2. मृतका V के खून के धब्बे आरोपी के जीन्स और फुटवियर से मिलना।
3. आरोपी संजय रॉय के बाल मौका ए वारदात से बरामद होने उसके वारदात में शामिल होना साबित करता है।
4. सीन ऑफ क्राइम से ब्लूटूथ ईयरफोन का मिलना जो कि आरोपी के मोबाइल फोन के साथ पेयर था ये बात सीएफएसएल की रिपोर्ट से साफ हो चुकी है।

5. चार्जशीट में ये भी लिखा है कि 8 और 9 अगस्त की रात आरोपी सीन और क्राइम की तरफ गर्दन में ब्लूटूथ पहने नजर आ रहा है लेकिन सीन ऑफ क्राइम से वापिस जाते वक्त उसके गले मे ये ब्लूटूथ नही था।
6. संजय रॉय की मेडिकल जांच की रिपोर्ट से साफ है कि शरीर पर चोट 24 से 48 घन्टे पुरानी है, ये चोट मृतिका V से रेप और हत्या के दौरान आरोपी को लग सकती है।
7. आरोपी के शरीर पर चोट तेज धक्के के चलते लगी है, शरीर पर ब्लंट फोर्स इंजरी है और शरीर पर विरोध करने के निशान भी है।
8. संजय रॉय की मेडिकल जांच से साफ है कि वह नपुंसक नही है।
9. पीड़िता V के अंडर गारमेंट के लास्टिक और कपड़े के बीच का धागा घिसा होने से साफ है कि उसे जबरन घसीटने की भी कोशिश हुई।
10. कोलकाता की सीएफएसएल रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता V की कुर्ती का कमर का हिस्सा सुकड़ा हुआ था जो अचानक और जबरन ऊपर खींचने के दौरान हुआ।

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23-09-2026