आपके नाम पर भी आया है फर्जी ट्रैफिक चालान? एक क्लिक और खाली हो सकता है आपका बैंक अकाउंट

अगर आपके मोबाइल पर ट्रैफिक चालान का कोई मैसेज आया है तो उसे नज़रअंदाज़ न करें। भारत में एक नया साइबर घोटाला चल रहा है जिसमें फर्जी चालान लिंक के ज़रिये लोगों का बैंक अकाउंट खाली किया जा रहा है। यह पोस्ट बताती है कि यह जाल कैसे काम करता है और आप इससे कैसे बच सकते हैं।
fake traffic challan scam

अगर आपके फोन पर कभी ऐसा SMS आया है —
“आपके वाहन पर ₹500 का ट्रैफिक चालान बकाया है, तुरंत भुगतान करें” —
तो यह खबर आपके लिए है।

भारत में एक नया साइबर घोटाला तेज़ी से फैल रहा है जिसमें ट्रैफिक चालान (fake traffic challan scam) के नाम पर लोगों को नकली सरकारी वेबसाइट पर भेजकर उनका बैंक और कार्ड डेटा चुराया जा रहा है। कई मामलों में सिर्फ एक क्लिक ही पूरा अकाउंट खाली कराने के लिए काफ़ी साबित हो रहा है।

ट्रैफिक चालान के नाम पर नया डिजिटल जाल (fake traffic challan scam)

अमेरिका आधारित साइबर इंटेलिजेंस फर्म Cyble ने चेतावनी दी है कि भारत में ट्रैफिक प्रवर्तन प्रणाली की नक़ल कर एक संगठित फ़िशिंग नेटवर्क काम कर रहा है।

यह नेटवर्क:

  • फर्जी SMS भेजता है
  • सरकारी जैसे दिखने वाले नकली पोर्टल बनाता है
  • छोटे जुर्माने दिखाकर लोगों को भुगतान के लिए उकसाता है
  • और फिर उनका पूरा कार्ड डेटा चुरा लेता है

सबसे ख़तरनाक बात यह है कि यह स्कैम मनोवैज्ञानिक दबाव बनाता है — “अभी भुगतान नहीं किया तो कानूनी कार्रवाई होगी” — ताकि लोग सोचने का समय ही न लें।

यह भी पढ़ेंः CCTV कैमरा हैकिंग से सावधान रहें — “admin123” जैसे पासवर्ड से कैसे खतरा बढ़ता है

कैसे पहचानें कि चालान असली है या जाल?

अगर SMS में:

  • सरकारी हेडर कोड नहीं है
  • लिंक का पता सरकारी नहीं लगता
  • भुगतान केवल कार्ड से करने को कहा जाता है
  • या WhatsApp से ऐप भेजा जाता है

तो समझिए यह असली नहीं, बल्कि जाल है।

खुद को कैसे बचाएं

✔ चालान केवल http://echallan.parivahan.gov.in पर ही जांचें
✔ Unknown Sources से ऐप इंस्टॉल बंद रखें
✔ कभी भी SMS लिंक से भुगतान न करें
✔ घबराकर जल्दी भुगतान न करें — पहले सत्यापित करें

अगर गलती हो चुकी हो

  • तुरंत इंटरनेट बंद करें
  • फोन से संदिग्ध ऐप हटाएं
  • पासवर्ड बदलें
  • http://cybercrime.gov.inपर शिकायत करें
Support India Vistar
Picture of inspector raman kumar
inspector raman kumar
इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह,दिल्ली पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर तैनात है । वे दिल्ली के कई पुलिस थानों के साथ साथ साइबर पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष रहे है । वे साइबर जागरूकता के लिए साइबर सेफ व्हाट्सएप्प ग्रुप और बी द पुलिस नाम से फेसबुक पेज और फेसबुक ग्रुप के संचालक है ।

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | साइबर ठगी में समय पर शिकायत के बाद भी क्यों नहीं मिलता पैसा ? बैंको की जवाबदेही पर सवाल | सुबह का सपना और दिख जाएं ये पांच चीजें, तो क्या होता है मतलब समझ लीजिए | सीआईएसएफ साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण क्या है, जवानों को साइबर हमले से निपटने के लिए क्या सिखाया जाता है? | सिक्योरिटी पैच क्या है? FBI डेटा ब्रीच से समझिए एक अपडेट की चूक का खतरा | निवेश धोखाधड़ी से बचने के लिए SEBI की पहल, निवेश से पहले ऐसे करें जांच | कूनो में पांच चीता शावकों का जन्म, भारत में संख्या 60 हुई, पहली बार जुड़ी बोत्सवाना वंशावली | नौकरी चाहिए थी, फोन आया और फीस मांग ली, दिल्ली में ऐसे खुला जॉब स्कैम का खेल | निवेश ठगी से कैसे बचें? ठग लालच और भरोसे का कैसे फायदा उठाते हैं | ये ना करें नहीं तो, आप भी बन सकते हैं साइबर सिंडिकेट का हिस्सा, हो सकती है जेल | Chrome में सेव पासवर्ड को ऐसे रखें सुरक्षित, फोन खुला होने पर भी काम आएगा ये सुरक्षा फीचर |
09-10-2026