कोरोना वैक्सीन पर भ्रम को दूर करने के लिए सरकार ने शुरू किया यह अभियान

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। कोरोना वैक्सीन पर लोगो में फैले भ्रम को दूर करने के लिए सरकार ने एक अभियान की शुरूआत कर दी है। केंद्रीय स्वास्थय मंत्री डा. हर्षवर्द्धन ने इस अभियान का उद्घाटन किया। उन्होंने आई ई सी पोस्टरों का अनावरण किया। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री,  अश्विनी कुमार चौबे और नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य), डॉ. वी.के. पॉल भी मौजूद थे।

कोविड-19 के खिलाफ दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान 16 जनवरी 2021 को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया था।

21 जनवरी 2021 को सुबह 7 बजे तक 8 लाख से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों का टीकाकरण किया जा चुका है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने सभी को देश की उपलब्धियों को याद दिलाया। भारत दुनिया में दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला देश है। उन्होंने कहा, “भारत कुछ देशों में से एक है जिन्होंने कोविड-19 के बढते प्रभाव पर रोक लगाने में सफलता प्राप्त की है और साथ ही कोविड का एक टीका भी विकसित किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का उनके कुशल नेतृत्व के लिए धन्यवाद, जिन्होंने देश को महामारी से छुटकारा दिलाने के लिए विशेष और व्यक्तिगत ध्यान दिया।” डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि देश में इस समय उपचार करा रहे मरीज़ो की संख्या में लगातार गिरावट दिखाई दे रही है। उन्होंने बताया कि कल लगभग 15,000 दैनिक नए कोविड रोगी सामने आए।

बीमारियों के उन्मूलन में टीकाकरण की भूमिका के बारे में बताते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, “पोलियो और चेचक के उन्मूलन को बड़े पैमाने पर टीकाकरण द्वारा संभव बनाया गया था। एक बार प्रतिरक्षित होने के बाद, न केवल वह व्यक्ति इस बीमारी से लड़ने में सक्षम होता है, बल्कि वह इस बीमारी को दूसरों तक पहुंचाने से भी रोकने में समर्थ होता है और इस प्रकार वह समाज के लिये बड़े  सामाजिक लाभ को पहुंचाने में भी सफल रहता है। मिशन इन्द्रधनुष के तहत बारह बीमारियों के खिलाफ महिलाओं और बच्चों के बड़े पैमाने पर टीकाकरण का उपक्रम शुरू किया गया था। इसी तरह कोविड ​​के खिलाफ टीकाकरण व्यक्तियों को रोग फैलाने से रोकने में समर्थ बना देगा और कुछ समय बाद इस बीमारी को देश से समाप्त कर देगा। ”

डॉ. हर्षवर्धन ने सभी लोगो से निहित स्वार्थ के लिये असत्य और गलत सूचनाओं को फैलाने के अभियानों का मुकाबला करने का आग्रह किया। उन्होने ज़ोर देकर कहा, “हमें इन झूठी बातों पर रोक लगानी होगी”, उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य मंत्रालय, पत्र और सूचना कार्यालय-पीआईबी, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, माई गॉव वेबसाइट आदि जैसे विश्वसनीय और प्रामाणिक स्रोतों से सही जानकारी प्राप्त करने की अपील की। ​​उन्होंने दोहराया कि “सत्य शक्तिशाली है और उसकी हमेशा जीत होगी”। उन्होंने सभी को सच्चाई की जीत के लिये ख़ुशी से आई ई सी पोस्टर साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया।

टीकों की सुरक्षा और प्रभावी होने के बारे में टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “प्रसिद्ध अस्पतालों के सभी प्रख्यात डॉक्टरों ने वैक्सीन लगवा ली है और इसके वांछित परिणाम प्राप्त करने के लिये टीकाकरण के अभ्यास की प्रशंसा की है। यह केवल कुछ मुट्ठी भर लोग निहित राजनीतिक स्वार्थ के लिये अफवाह फैलाने और लोगो में इस तरह के दुष्प्रचार करने में व्यस्त हैं और जनता के बीच वैक्सीन के बारे में हिचकिचाहट को बढ़ावा दे रहे हैं। यह विरोधाभास ही है कि दुनिया भर के देश हमसे टीकों की खेप प्राप्त करने के लिए पूछ रहे हैं जबकि हमारे देश का एक वर्ग खुद संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ के लिए गलत सूचना और संदेह पैदा कर रहा है। ” उन्होंने कहा कि सरकार और निजी क्षेत्र के कई अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के साथ प्रमुख डॉक्टरों ने कोविड-19 वैक्सीन लगवा ली है, और बिना किसी दुष्प्रभाव के अपने काम पर लौट आए हैं।

श्री अश्विनी कुमार चौबे ने टीकाकरण अभियान को कोविड के खिलाफ ‘अंतिम प्रहार’ बताते हुए कहा, “कोविड महामारी के अंत की शुरूआत के लिये 16 जनवरी एक ऐतिहासिक महत्व वाला दिन है। भारत ने जल्द से जल्द टीके उपलब्ध कराने की दिशा में एक क्रांतिकारी निर्णय लिया है। ” उन्होंने सभी से अविश्वास के अभियानों का पालन न करने और सही जानकारी साझा कर सभी की मदद करने के लिये अपील की।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव,  राजेश भूषण, अतिरिक्त सचिव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन-एनएचएम की प्रबंध निदेशक, वंदना गुरनानी, अतिरिक्त सचिव (स्वास्थ्य)  मनोहर अगनानी, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. सुनील कुमार, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

भारतीय आयुर्विग्यान अनुसंधान परिषद-आईसीएमआर के महानिदेशक, डॉ. बलराम भार्गव, अखिल भारतीय आयुर्विग्यान संस्थान-एम्स, नई दिल्ली के निदेशक, डॉ. रणदीप गुलेरिया, डॉ. एनएन माथुर, निदेशक एलएचएमसी, डॉ. एसवी आर्य, एमएस, सफदरजंग अस्पताल, डॉ. राणा एके सिंह, एमएस, आरएमएल अस्पताल और बीएमजीएफ, यूनिसेफ और डब्ल्यूएचओ जैसे विकास भागीदारों के प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

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