Delhi police news-अगर आप बेहद स्मार्ट कार खरीदकर ये सोच रहे हैं कि कार चोरों से बच गए तो ये खबर आपके लिए है। हम बताने जा रहे हैं आपको एक ऐसे कार चोर के बारे में जो बीटेक तक शिक्षा प्राप्त है मगर अपनी शिक्षा का उपयोग उसने बेहद सुरक्षित मानी जाने वाली कारों की चोरी में किया। उसे लोग स्मार्टी के नाम से जानते हैं। इसके लिए ये चीनी एक्स टूल का इस्तेमाल करते थे।
Delhi police news-वेबसाइट से खरीदी टूल
आमतौर पर वेबसाइट केवाईसी के बाद ही समान देते हैं। इसलिए कार चोरी के लिए उसने मिडिल इस्ट की एक बेवसाइट से अत्याधुनिक उपकरण खरीदी थी। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस बीटेक कार चोर उसके साथी और उनसे चोरी का माल खरीदने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
स्मार्ट कार चोरों के इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के दौरान पुलिस को 14 लग्जरी कारें बरामद हुई हैं। क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजय कुमार सैन के मुताबिक वाहन चोरी के मामलों को देखते हुए एसीपी सुशील कुमार की देखरेख और इंस्पेक्टर दिलीप कुमार के नेतृत्व में एसआई अशोक कुमार, विजय कुमार, वीर सिंह, विजय, एएसआई रोहित सोलंकी, संजीव, हवलदार संजीव, गुरेन्द्र, नीतिन कुमार और कांस्टेबल सुमित कुमार की टीम बनाई गई थी।
पुलिस टीम ने विभिन्न मामलों की सीसटीवी फुटेज, ट्रेंड देखा तो पता लगा कि किया और हुंडई क्रेटा की ज्यादातर गाड़ियां चोरी की गई हैं। यह भी पता लगा कि आरोपी ने गाड़ी खोलने में चंद सेकेंड लगाए और ज्यादातर वारदात आधी रात के समय हुईं।
गहन जांच के बाद पुलिस को पता लगा कि स्मार्ट कार चोरों के इस गिरोह का सरगना हरप्रीत उर्फ स्मार्टी है। 18 मार्च के दिन पुलिस ने इंद्रप्रस्थ पार्क रिंग रोड के पास जाल बिछाकर काले रंग की किया कार में हरप्रीत उर्फ स्मार्टी और उसके साथी अखलाक को गिरफ्तार कर लिया। हरप्रीत ने बी टेक तक की शिक्षा प्राप्त की है। वह मूल रूप से पटियाला का रहने वाला है लेकिन आजकल दिल्ली में रह रहा था। उसे वाहनों के बारे में अच्छा ज्ञान है।
हरप्रीत के घर में सारे लोग अच्छी जगहों पर काम करते हैं। उससे बरामद की गई कार राजेन्द्र नगर से चोरी की गई थी। तलाशी में पुलिस को टैबलेट की, फर्जी आरसी, 61 ब्लैंक रिमोट की सहित उपकरण बरामद हुए। जांच में पता लगा कि स्मार्टी 40 इसी तरह के मामलों में लिप्त रहा है।
पूछताछ में पता लगा कि दोनो ने पिछले 4 माह के दौरान सेल्टास किया और क्रेटा हुंडई की 50-60 कारें चोरी की और उन्हें मेरठ और पंजाब में बेच दिया। उनकी निशानदेही पर 13 औऱ कारें बरामद की गईं।
उनकी निशानदेही पर उनसे चोरी का सामान लेने वाले तीन और लोगों को पंजाब से गिरफ्तार किया गया। इनकी पहचान सुखदेव सिंह, मंदीप सिंह और अमनदीप सिंह के रूप में हुई।
पूछताछ में पता लगा कि हरप्रीत कार चोरी के लिए ओबीडी यानि ऑन बोर्ड डायग्नॉस्टिक का इस्तेमाल करता था। हरेक आधुनिक कार में ऑन बोर्ड डायग्नॉस्टिक पोर्ट होता है। बीटेक होने और वाहनों के बारे में अच्छा जानकार हरप्रीत नकली चाबी के लिए इसी का इस्तेमाल करता था। इस चाइनिज स्कैनर का नाम एक्स टूल है।
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