Delhi crime: दिल्ली में जबरन वसूली के लिए नया गिरोह बन गया। यह गिरोह स्थानीय सांसी समुदाय को धमकाकर वसूली की फिराक में था। इसके लिए गिरोह के जेल में बंद सरगना के आदेश पर गोली भी चलाई गई। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने इसका खुलासा किया है। इस सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह लोग में जेल में हत्या के आरोप में बंद सैफ अली के निर्देश पर जबरन वसूली के रैकेट में शामिल थे।
Delhi crime:ऐसे हुआ खुला, मिल गया सुराग
क्राइम ब्रांच के डीसीपी सतीश कुमार के मुताबिक दो बाइक सवारों द्वारा रनहोला इलाके में फायरिंग करते हुए वीडियो सामने आया था। इस मामले में क्राइम ब्रांच एसीपी अजय कुमार की निगरानी में इंस्पेक्टर मंजीत के नेतृत्व में एसआई सचिन गुलिया, हेडकांस्टेबल अश्वनी, दिनेश, विनोद और सुधामा की टीम बनाई गई थी। एसआई सचिन गुलिया और एचसी अश्वनी को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने अमन उर्फ शानू और शहबाज को गिरफ्तार किया।
अमन के पास से इटली में बनी एक पिस्तौल, दो जिंदा राउंड वाली एक मैगजीन और एक जिंदा राउंड वाली एक देशी पिस्तौल मिली। शहबाज के पास यूएसए में बनी एक पिस्तौल, दो जिंदा राउंड वाली एक मैगजीन और एक जिंदा राउंड था। पुलिस के मुताबिक शहबाज सांसी समुदाय से ड्र्ग्स आदि खरीदा करता था। वह पहले से ही नशे का आदि था।
हत्या के मामले में जेल में बंद सैफ अली के साथ मिलकर उसने सांसी समुदाय से जबरन वसूली की साजिश रची थी। मगर ऐन वक्त पर पुलिस को इस पूरी साजिश की भनक लग गई। इन लोगों ने जबरन वसूली के लिए नया गिरोह बना लिया था। यह गिरोह जेल में बंद सैफ अली के निर्देश पर काम कर रहा था। पुलिस यह पता करने की कोशिश कर रही है कि इनके पास अत्याधुनिक हथियार कहां से आए।
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