दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ ऑपरेशन साइहॉक 3.O के जरिए बड़े साइबर नेटवर्क को ध्वस्त किया है। चार महीनों के अंदर साइबर क्राइम के खिलाफ यह तीसरा cyHawk था। इस बार 299 एफआईआर दर्ज किए गए। ऑपरेशन की जानकारी एक प्रैस कांफ्रेंस में दिल्ली पुलिस साइबर सेल के ज्वाइंट सीपी रजनीश गुप्ता और साउदर्न रेंज के ज्वाइंट सीपी एस के जैन ने दी।
दिल्ली पुलिस CYHawk 3.O की खास बातें
इस ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस के करीब 5 हजार पुलिसकर्मी शामिल किए गए थे। दो दिन तक चले ऑपरेशन के दौरान 6552 लोगों से पूछताछ और 955 लोगों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया। इसके अलावा 1608 लोगों को नोटिस भेजे गए, 299 नई एफआईआर के अलावा 262 पुरानी एफआईआर भी लिंक हुई।
NCRP https://i4c.mha.gov.in/ncrp.aspx पर दर्ज कराई गईं 3180 शिकायतें लिंक हुईं, इसके जरिए धोखाधड़ी के 627 करोड़ रुपये का पता चला।
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दिल्ली पुलिस CyHawk 3.0 के दौरान एक मामले में एक मामले में, बरामदगी में ₹22 लाख नकद, विदेशी मुद्रा, 1.8 किलोग्राम से अधिक वजन के सोने और चांदी के आभूषण, स्मार्टफोन और लैपटॉप शामिल थे, जिससे एक नकली RTO एप्लिकेशन लिंक के दुरुपयोग से जुड़े एक संगठित ऑनलाइन धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
एक अन्य मामले में, एक निवेश धोखाधड़ी नेटवर्क जो 84 NCRP शिकायतों से जुड़े म्यूनिसिपल चालू खातों के माध्यम से ₹9.28 करोड़ से अधिक का लेनदेन कर रहा था, उसे ध्वस्त कर दिया गया, जिससे 92 सिम कार्ड, 37 मोबाइल फोन, 39 चेक बुक, एटीएम कार्ड, POS मशीनें, UPI स्कैनर और बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी के लिए उपयोग किए जाने वाले डिजिटल बुनियादी ढांचे को जब्त किया गया।
तीसरे मामले में, आरोपियों का पता लगाया गया और उन्हें असम और तवांग से गिरफ्तार किया गया, जिसमें कई मोबाइल डिवाइस बरामद किए गए, सोना जब्त किया गया, और लगभग ₹30 लाख की क्रिप्टोकरेंसी आय को फ्रीज किया गया।
दिल्ली पुलिस का दावा है कि इस ऑपरेशन से साइबर क्रिमिनल सिंडिकेट की वित्तीय कमर को तोड़ दिया गया। दिल्ली पुलिस ने अपील की है कि आम लोगों को संदिग्ध कॉल, मैसेज, लिंक और संपर्क नंबरों की तुरंत संचार साथी प्लेटफॉर्म और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) https://www.cybercrime.gov.in/ पर रिपोर्ट करें।











