crime story in hindi: नकली ईडी अफसर बनकर करोड़ो रुपये की वसूली करने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने पिछले साल अक्टूबर में दक्षिणी दिल्ली के एक फार्म हाउस पर नकली ईडी की छापेमारी की थी।
crime story in hindi: नकली ईडी अफसर नकली छापेमारी असली वसूली का खेल
क्राइम ब्रांच के एडिशनल सीपी संजय कुमार सैन के मुताबिक 22 अक्टूबर 2024 को सात लोगों के एक ग्रुप ने महरौली के एक फार्म हाउस पर छापेमारी की। उस दौरान सभी ने खुद को ईडी अफसर बताया और फार्म हाउस में मौजूद सभी लोगों के फोन लेकर किसी के बाहर जाने पर बंदिश लगा दी। वह नकली पूछताछ कर बैंक से पैसे निकालने के बारे में जानकारी लेने लगे।
ईडी के शिकंजे से बचने के लिए इन लोगों ने शिकायतकर्ता से 20 करोड़ रुपये मांगे। शिकायतकर्ता ने बैंक से रुपये निकालने की बात कही। नकली ईडी टीम के दो लोग दूसरे दिन उसके साथ बैंक पहुंच गए। मगर शिकायतकर्ता ने चालाकी से अपने वकील और बैंक मैनेजर को व्हटाट्स एप्प से सचेत किया तो उन्होंने ईडी दफ्तर से पता लगा लिया कि छापा नकली है।
नकली छापे की जानकारी लगते ही जब शिकायतकर्ता ने अपने साथ आए नकली ईडी कर्मी से पहचान मांगा तो स्थिति को भांप वह भाग निकले। उनके साथी भी फार्म हाउस चंपत हो गए। इस मामले को सुलझाने के लिए एसीपी नरेश सोलंकी की निगरानी में इंस्पेक्टर विजय पाल दहिया के नेतृत्व में एएसआई विजूमोन, हेडकांस्टेबल अरविंद, सोनवीर, विपिन, संजय, उमेश और महिला कांस्टेबल शोभा की टीम जांच कर रही थी।
जांच के दौरान नकली छापेमारी करने वाले लोगों में से एक इकबाल कुरैशी की पहचान हुई। पता चला कि इकबाल कुख्यात प्रिंस तेवतिया गैंग का बदमाश है। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने खिजराबाद से इकबाल कुरैशी और उसके साथी अरूण लाल उर्फ अंकित को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता लगा कि इकबाल ने ही वसूली की साजिश रची थी। उसका एक साथी लकी इस मामले में पहले ही गिरफ्तार है।
सीसीटीवी से बचने के लिए इन लोगों ने मास्क आदि का सहारा लिया था। मगर बैंक में लगे सीसीटीवी ने इनकी पहचान करा ही दी। इकबाल कुरैशी मालवीय नगर का घोषित बदमाश है। उसके खिलाफ 30 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसका साथी अरूण लाल हत्या के एक मामले में लिप्त रहा है। उनके दूसरे साथियों की तलाश की जा रही है।
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