रक्षा मंत्रालय में मेक इन इंडिया को इस तरह मिला बड़ा बढ़ावा जानिए पूरी खबर

Rajnath singh

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने अपनी बैठक में भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के लिए आवश्यक विभिन्न हथियारों/प्लेटफॉर्मों/उपकरणों/प्रणालियों की खरीद के लिए कुल अनुमानित लागत 28,000 करोड़ रुपये के पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी दी।

रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया- 2020 की नई व्यवस्था के तहत यह डीएसी की पहली बैठक है। इसके अलावा ये आवश्यकता की स्वीकृति (एओएनएस) का पहला समूह है, जिसमें से अधिकांश एओएनएस को भारतीय (आईडीडीएम- स्वदेशी रूप से विकसित और निर्मित) खरीद के उच्चतम श्रेणी में स्थान दिया गया है। 28,000 करोड़ रुपये की कुल सात में से छह प्रस्तावों, जिनके लिए एओएनएस की मंजूरी दी गई है, इन्हें सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल को बढ़ावा देने के लिए भारतीय उद्योग से प्राप्त किए जाएंगे। इन छह प्रस्तावों के लिए कुल अनुमानित लागत 27,000 करोड़ रुपये है।

आज स्वीकृत प्रस्तावों में भारतीय वायु सेना के लिए डीआरडीओ द्वारा डिजाइन की गई और विकसित एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (एईडब्ल्यू एंड सी) प्रणाली, भारतीय नौसेना के लिए अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत और भारतीय सेना के लिए मॉड्यूलर पुलें शामिल हैं।

Support India Vistar

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | AI से कैसे होती है साइबर ठगी? आपकी आवाज, बैंक खाते और शेयर निवेश पर मंडरा रहा खतरा | JEE main के लिए NTA का सिलेबस, ऐसे करें डाउनलोड | आपके नाम पर खुल सकता है म्यूल बैंक खाता, साइबर ठगी में फंसने से बचने के लिए जानें ये जरूरी बातें | WhatsApp चलाने का तरीका बदल सकता है! SIM Binding के नए नियम से किसे होगी परेशानी? | जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर भाग रहा था यात्री, CISF जवान अभिषेक वर्मा ने रोका, DG ने किया सम्मानित | सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक हो जाए तो क्या करें ? हाई कोर्ट के इस फैसले से समझिए अपने अधिकार | वर्दी में चैंपियन: एशियाई खेलों से पुलिस मैदान तक सीआईएसएफ के खिलाड़ियों की पदक गाथा, मिला डीजी का सम्मान | पैरोल जंपर का खेल: 60 करोड़ की हेरोइन, लखनऊ में फैक्ट्री और नक्सली कनेक्शन, दिल्ली पुलिस के खुलासे ने उड़ाए होश | साइबर ठगी के बाद शिकायत करने में देरी क्यों पड़ सकती है भारी? भोपाल के आंकड़ों से समझिए पूरी प्रक्रिया। | क्या आप जानते हैं स्टेशन मास्टर का काम,उसकी सैलरी ? |
26-10-2026