यूपीआई से भुगतान करते हैं तो आपको यह पोस्ट पढ़ना बहुत जरूरी है। विभिन्न मुद्दों के मद्देनजर यूपीआई के नए नियम लागू होने वाले हैं। दावा है कि यह नियम यूपीआई को और अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाएंगे। आपको भी इन नए नियमों के बारे में पूरी बात पता होना चाहिए।
यूपीआई नियम में क्या हैं बदला
अब यूपीआई में दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (2FA) अनिवार्य हो जाएगा। ₹2,000 से अधिक के हर UPI भुगतान में अब UPI PIN के साथ-साथ एक अतिरिक्त सत्यापन (OTP, बायोमेट्रिक स्कैन या डिवाइस-आधारित पुष्टि) आवश्यक होगा।
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₹1 लाख प्रति दिन की सीमा को दोहराया गया है ताकि दुरुपयोग और सिस्टम पर बोझ रोका जा सके।
उच्च-मूल्य के लेन-देन में कम से कम एक डायनेमिक सुरक्षा परत (जैसे समय-संवेदनशील OTP या बायोमेट्रिक) का प्रयोग अनिवार्य होगा।
क्या होगा प्रभाव
अब संदिग्ध गतिविधियों पर अधिक निगरानी और अलर्ट रहेगा, विशेषकर बार-बार या बड़े लेन-देन के लिए। जाहिर है इनसे लेन-देन अधिक सुरक्षित होंगे, धोखाधड़ी का खतरा कम होगा, लेकिन अतिरिक्त सत्यापन से भुगतान में थोड़ी देरी हो सकती है।
छोटे भुगतान (<₹2,000) पहले की तरह तेज़ और आसान रहेंगे। किराया, फीस या बड़ी खरीदारी में समय अधिक लगेगा। डिजिटल भुगतान पर भरोसा बढ़ेगा क्योंकि धोखाधड़ी कम होगी, हालांकि शुरुआत में लोग अतिरिक्त चरणों को बोझिल मान सकते हैं।
कारोबारियों के लिए धोखाधड़ी से सुरक्षा और ग्राहक विश्वास मिलेगा।
यह है पूरा तरीका
- किराया भुगतान (₹15,000): PIN + OTP/बायोमेट्रिक आवश्यक।
- किराना खरीद (₹1,500): कोई बदलाव नहीं, केवल PIN।
- ऑनलाइन शॉपिंग (₹5,000): अतिरिक्त सत्यापन आवश्यक।
- ट्यूशन फीस (₹50,000): कई बार सत्यापन, लेकिन दैनिक सीमा के भीतर।
अब
छोटे भुगतान आसान रहेंगे, बड़े भुगतान थोड़े धीमे लेकिन सुरक्षित होंगे। धोखाधड़ी कम होगी, लेकिन ग्राहकों को नए नियम समझाने की ज़रूरत होगी। सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा मिलेगा।
जोखिम और संतुलन
कुछ लोग अतिरिक्त चरणों को असुविधाजनक मान सकते हैं। बुजुर्ग या कम तकनीकी ज्ञान वाले लोग OTP/बायोमेट्रिक में कठिनाई महसूस कर सकते हैं। बैंकों और ऐप्स को नए नियमों के अनुसार ढाँचा सुधारना होगा।
UPI 2026 नियम सुविधा और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाते हैं। छोटे भुगतान पहले की तरह तेज़ रहेंगे, जबकि बड़े भुगतान अधिक सुरक्षित होंगे। इससे जनता का UPI पर भरोसा बढ़ेगा, भले ही उच्च-मूल्य के लेन-देन में थोड़ी असुविधा हो








