देशभर में फर्जी निवेश और ट्रेडिंग प्लेटफ़ॉर्म एक गंभीर साइबर खतरे के रूप में उभर रहे हैं। ये प्लेटफ़ॉर्म नकली SEBI प्रमाणपत्र, झूठे मुनाफे के स्क्रीनशॉट और तथाकथित “ट्रेडिंग गुरुओं” के सहारे लोगों का भरोसा जीतते हैं और फिर उनकी जीवनभर की कमाई मिनटों में गायब कर देते हैं।
चिंताजनक तथ्य यह है कि पढ़े-लिखे और अनुभवी लोग भी इस जाल में फंस रहे हैं।
fake investment apps in India-केस स्टडी: “MCKIEY CM” ऐप कैसे बना ठगी का हथियार
प्लेटफ़ॉर्म की पहचान
“MCKIEY CM” नाम का ऐप Apple App Store पर उपलब्ध दिखाया गया और WhatsApp समूहों व ऑनलाइन क्लास के जरिए प्रचारित किया गया।
लुभावना वादा
500% तक रिटर्न और “अनलॉक होने वाले मुनाफे” का दावा किया गया।
पीड़िता
पूर्व CBI संयुक्त निदेशक की पत्नी ने 24 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 के बीच करीब ₹2.58 करोड़ गंवा दिए।
ठगी की रणनीति
पीड़िता को “Stock Market Profit Guide Exchange 20” नामक WhatsApp समूह में जोड़ा गया। वहां “दिनेश सिंह” नामक व्यक्ति ने खुद को ट्रेडिंग विशेषज्ञ बताया। अन्य अकाउंट्स ने नकली मुनाफे के स्क्रीनशॉट और प्रशंसापत्र शेयर किए।
धीरे-धीरे निवेश बढ़ाने का दबाव बनाया गया, यहां तक कि पीड़िता ने सोने के गहने गिरवी रखकर भी पैसा लगाया।
ऐप में मुनाफा दिखता रहा, लेकिन निकासी का विकल्प बंद कर दिया गया और धन कई “म्यूल अकाउंट्स” में भेज दिया गया। फिलहाल साइबर पुलिस जांच कर रही है और खातों को फ्रीज़ करने की कोशिश जारी है।
घोटाला कैसे काम करता है
- अचानक WhatsApp या Telegram पर संपर्क
- नकली गुरु, जाली प्रमाणपत्र और मंचित भरोसा
- ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करना
- तात्कालिकता और डर का मनोवैज्ञानिक दबाव
- धन को कई खातों में घुमाकर छिपाना
ये लाल झंडे दिखें तो सतर्क हो जाएं
- 100% या 500% गारंटीड रिटर्न का दावा
- अनचाहे WhatsApp/Telegram समूह
- तुरंत निवेश या और पैसा डालने का दबाव
- नकली SEBI प्रमाणपत्र या अप्रमाणित ब्रोकर
निवेशकों के लिए सुरक्षा चेकलिस्ट
- केवल SEBI-पंजीकृत ब्रोकरों से ही निवेश करें
- ऐप्स केवल आधिकारिक वेबसाइट या सत्यापित स्टोर से डाउनलोड करें
- अनजान समूहों और गुरुओं से दूरी रखें
- परिवार और वरिष्ठ नागरिकों को जागरूक करें
- धोखा होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या http://cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें
राष्ट्रीय चेतावनी
यह मामला याद दिलाता है कि तकनीक जितनी तेज़ हो रही है, धोखेबाज़ उतने ही चालाक बनते जा रहे हैं। वे सिस्टम से ज़्यादा मानव मनोविज्ञान का शोषण करते हैं।
हर निवेश से पहले जांच करें, सवाल पूछें और जल्दबाज़ी से बचें — क्योंकि सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।










