योगी सरकार ने यूपी में कर्मचारियों को बोनस देने की घोषणा की है। कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ बोनस मिलेगा। इसका लाभ यूपी के 15 लाख कर्मचारियों को मिलेगा। इनमें पूर्णकालिक अराजपत्रित सरकारी कर्मचारियों के साथ ही सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, स्थानीय निकायों जिला पंचायतों के कर्मचारी शामिल हैं। गौरतलब है कि राज्य कर्मचारियों को दीपावली से पहले ही अक्टूबर का वेतन देने का निर्देश दिया गया है।
योगी सरकार इनको नहीं देगी बोनसः
रिपोर्टों के अनुसार वर्ष 2023-24 में किसी विभागीय कार्रवाही या आपराधिक मुकदमे में दंड पाने वाले सरकारी कर्मचारियों को तदर्थ बोनस का लाभ नहीं दिया जाएगा। ऐसे कर्मचारी जिनके विरूद्ध 2023-24 या उससे पूर्व अनुशाससन एवं अपील नियमावली के तहत विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही या किसी अदालत में आपराधिक मुकदमा लंबित हो उन्हें बोनस का भुगतान तब तक नहीं दिया जाएगा जब तक फैसला ना आ जाए।
इतना होगा नकद भुगतानः
तीन साल या उससे अधिक समय से लगातार कार्य करने वाले दैनिक वेतनभोगियों को भी तदर्थ वेतन दिया जाएगा। तदर्थ वेतन की अहर्ता रखने वाले कर्मचारियों की बोनस राशि का 75 फीसदी भाग भविष्यनिधि खाते में जमा किया जाएगा। शेष 25 प्रतिशत राशि का भुगतान नकद किया जाएगा। बोनस की घोषणा के बाद वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार इस संबंध में शासनादेश जारी कर चुके हैं।
शासनादेश के अनुसार पूर्णकालिक अराजपत्रित कर्मचारियों को दीपावली से पहले ही वेतन के साथ 30 दिन के तदर्थ बोनस की 7 हजार रुपये की राशि का भी भुगतान किया जाएगा। प्रदेश के शासकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज के गेस्ट लेक्चरर व विषय विशेषज्ञों को भी दीपावली से पूर्व अक्टूबर के मानदेय का भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। कर्मचारी भविष्य निधि खाते का सदस्य न होने वाले को बोनस एनएससी के रूप में मिलेगा।
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