पुलिस डायरी से/प्रतिशोध के लिए हनीट्रैप

आलोक वर्मा

तुगलकाबाद किला

तफतीश की इस डायरी का बहुत गहरा संबंध दिल्ली के तुगलकाबाद किले से है। साउथ दिल्ली में एक बहुत बड़ा किला है नाम है तुगलकाबाद किला। 1320 में, रक्त-रंजित तख्ता पलट की घटना में खुसरो शाह ने खिलजी शासन को हथिया लिया था। उसी वर्ष मुलतान के सैन्य गवर्नर के विरोध के बावजूद ग्यासुद्दीन तुगलक शाह-I दिल्ली का सुल्तान बन गया था। तुगलकों ने अपना स्वयं का नगर बसाया जिसे तुगलकाबाद के नाम से जाना जाता है। तुगलकाबाद दिल्ली के अतीत के संघर्ष और उस युग के आतंक तथा साहस के याद की निशानी है। खुसरो खान के कत्ल के बाद ग्यासुद्दीन सिंहासन पर बैठा। खुसरो खान भी रक्तपात के बाद ही तख्ता-पलट करके सिंहासन हासिल कर पाया था।

ग्यासुद्दीन तुगलक ने मंगोलों के आक्रमण से बचने के लिए विरोधियों के कटे हुए सिरों का पिरामिड बनाया और वह इन्हें मारने के लिए हाथियों का उपयोग करता था। मोहम्मद-बिन-तुगलक ने सात वर्ष के शासन के बाद अपनी राजधानी को दक्षिण के औरंगाबाद जिले के दौलताबाद देवगिरी में स्थानांतरित किया था। दौलताबाद में जल की कमी हो गई और आम आदमी को कष्ट हुआ। अपनी गलती की अनुभूति के बाद उसने दोबारा 1334 में अपनी राजधानी दिल्ली में स्थानांतरित कर दी। अपनी प्रजा के दुखों को दूर करने के लिए उसने एक नया नगर जहांपनाह बसाया जो महरौली और सीरी के मध्य स्थित था। जहांपनाह अर्थात् ‘विश्व का पनाहगाह’ । वह परित्यक्त तुगलकाबाद में लौटने को इच्छुक नहीं था क्योंकि वह इसे अभिशप्त शहर मानता था। पुरानी कहावत है कि किला इसलिए छोड़ दिया गया था कि क्योंकि संत शेख निज़ामुद्दीन औलिया ने अभिशाप दिया था, क्योंकि ग्यासुद्दीन ने उन्हें यहां बावली बनाने से रोक दिया था। उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि यह शहर गुजरों द्वारा बसाया जाएगा या खाली ही रह जाएगा। एक दुर्घटना में ग्यासुद्दीन की मृत्यु हुई था। तुगलक काल में अनेक भवनों का निर्माण हुआ। तुगलकों ने अपनी स्वंय की वास्तुकला का विकास किया। जिसका प्रतिनिधि उदाहरण तुगलकाबाद किला भी है।

6 मई. अधजली लाश और किला

6 मई 2018 की बात है। पुलिस को तुगलकाबाद किले से सटे जंगल में एक लाश होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को एक अधजली लाश मिली। गला रेता हुआ था और ताबड़तोड़ चाकू से हमले के निशान भी लाश पर मौजूद थे।

संयुक्त पुलिस आयुक्त देवेश श्रीवास्तव

पहचान के नाम पर लाश के दाएं कंधे पर टैटू के निशान थे। पुलिस ने कत्ल का मामला दर्ज कर लिया। डीसीपी चिन्मॉय विश्वाल ने मामले की संजीदगी को देखते हुए गोविंदपुरी के तत्कालीन पुलिस अफसरों की टीम बना दी। पुलिस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद लाश की पहचान फरीदाबाद निवासी नीरज के रूप में कर ली। अब तलाश शुरू हुई कातिलों की ।

हनी ट्रैप का सुराग

नीरज के बारे में जांच पड़ताल करने पर पुलिस को पता लगा कि 10-15 दिनों से वह एक नाबालिग लड़की रीमा(काल्पनिक नाम) के चक्कर में था। पुलिस ने कॉल डिटेल्स की और जांच की तो यह भी पता लग गया कि रीमा ने हादसे वाले दिन नीरज को फोन किया था। पुलिस की जांच गहनता से शुरू हो गई। पता लगा कि रीमा ने ह नीरज को फोन कर तुगलकाबाद किले में बुलाया था।

डीसीपी चिन्मॉय विश्वाल

इस प्लान में उसकी और एक नाबालिग सहेली शोभा(कालप्निक नाम) भी शामिल थी। पुलिस शोभा को तलाशने में कामयाब हो गई। उससे पूछताछ की गई तो पता लगा कि नीरज की कत्ल के लिए ही रीमा ने उससे 10-15 दिनों से दोस्ती की थी। यानि नीरज को हनी ट्रैप में फांसने के लिए जाल बिछाया गया था। यह जानकर पुलिस के होश उड़ गए। अब यह जानना जरूरी था कि नीरज का कत्ल और हनी ट्रैप का जाल किसका था।

चार लोग

   पुलिस की जांच चल रही थी। रीमा को भी हिरासत में ले लिया गया। मामले की तह खुलनी शुरू हुई पता लगा कि शोभा और रीमा के साथ रीमा का भाई शिव कुमार उर्फ राहुल और उसके तीन दोस्त सुमित, परवेज और रवि ने हनी ट्रैप के जरिए नीरज का कत्ल करने की साजिश बुनी थी। इसमें फंसकर नीरज अपने दोस्त मनोज के साथ तुगलकाबाद पहुंचा था। रीमा के साथ वो अंदर गया जबकि शोभा के साथ उसका दोस्त मनोज । थोड़ी देर इधर उधर घूमने के बाद रीमा उसे एकांत के बहाने जंगल की ओर ले गई जहां पीछे से चुपचाप आकर शिव और उसके दोस्तों ने नीरज पर हल्ला बोल दिया। उसका कत्ल करने के बाद पेट्रोल डालकर जब वो लाश को जलाने की कोशिश कर रहे थे तब मनोज वहां पहुंचा था लेकिन मौके की हालत देख डरकर भाग गया और किसी से जिक्र तक नहीं की।  

प्यार में नाकामी

हनी ट्रैप के जरिए कत्ल की वजह प्यार में नाकाम होना था। दरअसल शिवकुमार उर्फ राहुल की शादी 2013 में हुई थी। लेकिन बाद में वह नीरज की बुआ के साथ संबंध बनाने लगा और उसी से शादी करना चाह रहा था। उधर मनोज की बुआ की शादी नीरज के मामा से तय हो गई थी। मनोज की बुआ और नीरज के मामा 20 अप्रैल को शादी करने वाले थे। 19 अप्रैल को शिव अपनी मां के साथ मनोज की बुआ के घर पहुंच गया और वहां जमकर हंगामा काटा। धमकी देते हुए उसने शादी रोकने के लिए भी कहा। उसकी बदतमिजी को मौके पर मौजूद मनोज और नीरज नहीं देख सके और दोनों ने मिलकर शिव और उसकी मां को मारपीट कर भगा दिया।

बदला

शिवकुमार ने मां और अपने साथ हुए अपमान का बदला लेने का फैसला किया। टीवी क्राइम सीरियल से प्रेरित शिवकुमार ने अपनी नाबालिग बहन रीमा के जरिए हनी ट्रैप का जाल बिछाया। 10-15 दिन की दोस्ती के बाद रीमा ने नीरज को बुलाया साथ ही अपनी सहेली के साथ होने की बात भी बताई। इस हनी ट्रैप में फंसा नीरज अपने साथ मनोज को लेकर पहुंच गया। चारों ने तुगलकाबाद किले की टिकट ली और अंदर चले गए। पुलिस ने शिवकुमार और उसके तीनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया।

वर्तमान स्थिति

 पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। मामले में जल्द ही ट्रायल शुरू होने वाला है। शिवकुमार, सुमित, परवेज और रवि तिहाड़ जेल में हैं। हनी ट्रैप का जाल बिछाने वाली दोनों नाबालिग लड़कियां फिलहाल जमानत पर हैं।     

Picture of Alok Verma

Alok Verma

a senior journalist with a 25 years experience of print, electronics and digital. worked with dainik jagran, news18india, R,bharat, zee news

Latest Posts

BREAKING NEWS
दिल्ली में 100 करोड़ का हेरोइन बरामद देखें वीडियो | दिल्ली में पकड़ा गया खलिस्तानी आतंकी | भजन, प्रार्थना, हवन और रूद्राभिषेक से मिलता है सुखः सहरसा गायत्री पीठ का संदेश | NEET MBBS Admission Scam 2026: दिल्ली में फर्जी एडमिशन रैकेट का पर्दाफाश | Bank Insider Fraud: जब बैंक के अंदर से होता है साइबर फ्रॉड, जानिए पूरा खेल | दिल्ली में इन बच्चों की प्रस्तुति क्यों बन गई खास | delhi crime news: ऐसे पकड़ा गया क्राइम वर्ल्ड का कप्तान | RBI डिजिटल पेमेंट सुरक्षा नियम 2026 क्या है, जानिए कैसे रखेगा आपको सुरक्षित | दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा: 1000 से ज्यादा चोरी की गाड़ियां ‘लीगल’ बनाकर बेचने वाला गैंग पकड़ा | CCTNS में दिल्ली पुलिस नंबर 1: प्रगति डैशबोर्ड पर 100% स्कोर के साथ लगातार छठी बार शीर्ष स्थान | IPPB में SHG बचत खाता कैसे खोलें?—पूरी जानकारी हिंदी में | Pitbull के बीच रजाई में छिपी महिला! दिल्ली में ऐसे खुली चौंकाने वाली क्राइम स्टोरी |
06-05-2026