सीबीएसई ने नियमों में किया बड़ा बदलाव, जानिए अब क्या है नए बदलाव

नई दिल्ली,इंडिया विस्तार। सीबीएसई द्वारा संचालित स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने गुरुवार को नए नियमों की घोषणा की। इससे देशभर में सीबीएसई द्वारा संचालित 20,700 सीबीएसई स्कूल प्रभावित होंगे। नए नियमों के मुताबिक सीबीएसई स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावक उनके लिए यूनीफार्म,स्टेशनरी आयटम और किताबें कहीं से भी ले सकते हैं। अब स्कूल उन्हे किसी विशेष दुकान से इन्हे लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकते।सीबीएसई द्वारा संचालित स्कूलों को अपनी फीस में भी पूरी पारदर्शिता लानी होगी जिसके तहत  स्कूल वेबसाइट और स्कूल फार्म पर जो फीस बताई गई है,उतनी ही फीस अभिभावकों को देनी होगी। स्कूल अब किसी भी तरीके का हिडन चार्ज यानि छुपा हुआ चार्ज अभिभावकों से नहीं वसूल सकते है

सरकार ने सीबीएसई द्वारा संचालित स्कूलों को मान्यता देने की भी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है..जिसके मुताबिक अब मान्यता देने की प्रक्रिया पूरी तरीके से आनलाइन हो गई है जिसकी शुरुआत इसी सत्र से हो गई है। सरकार का दावा है  कि इससे जुड़े 8000 से ज्यादा आवेदनों को इस साल आनलाइन ही निपटाया गया है। सीबीएसई के पास मान्यता के लिए जो भी आवेदन अब आ रहे हैं उनका आंकलन और निगरानी सिर्फ गुणवक्ता के पहलुओं पर ही किया जाएगा यानि शिक्षकों की क्वालिटी कैसी है,बच्चों को क्या पढ़ाया जा रहा है। .जबकि स्कूलों के आधारभूत सुविधा क्या है,सुरक्षा कैसी है और अन्य पहलू इसका आंकलन और निगरानी स्थानीय प्रशासन करेगा। .स्कूल मान्यता के लिए जो भी आवेदक हैं इन नियमों से पहले उनको स्थानीय प्रशासन और सीबीएसई के पास एक ही काम के लिए बार बार जाना पड़ता था। नए नियम आने के बाद उनको अब स्थानीय एजेंसी और सीबीएसई के पास आवेदकों को सिर्फ एक एक ही बार जाना पड़ेगा।

सरकार का दावा है कि नए नियमों से उसने ये भी सुनिश्चित कर लिया है कि मौजूदा समय में सीबीएसई द्वारा संचालित स्कूल नेशनल कमीशन फार प्रोटेक्शन आफ चाइल्ड राइट,नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथारिटी औऱ सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्कूलों के संदर्भ में बनाए गए दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करेंगे। इन दिशा निर्देशोें में बच्चों की सुरक्षा,उनके अधिकार और उनकी फीस पर खास ध्यान दिया गया है​। सरकार ने 2012 के बाद से इस नियम में पहली बार बदलाव किया है

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16-07-2026