रूस के साथ यह होंगे समझौते, जानिए क्या है एस-400

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय भारत के दौरे पर हैं। वार्षिक द्विपक्षीय शिखर बैठक में रूस और भारत के बीच S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम को लेकर डील हो सकती है। अगर यह डील होती है तो भारत की सामरिक ताकत में जबर्दस्त बढ़ोतरी होगी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस दौरान ही दोनों देशों के बीच यह डील पक्की हो सकती है।

भारत और रूस के बीच होने वाली इस बातचीत पर पूरी दुनिया की नजर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्षिक द्विपक्षीय शिखर बैठक के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय भारत यात्रा पर गुरुवार को भारत पहुंचे हैं। पुतिन के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। इसके बाद पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और डिनर पर चर्चा की।  खबरों के मुताबिक, दोनों देशों ने 40,000 करोड़ रुपये के सौदे को लेकर बातचीत करीब करीब पूरी कर ली है।

एस-400 मिसाइल बिल्कुल अलग और अत्याधुनिक है। डील के तहत भारत रूस से पांच ‘S-400 एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम’ खरीदेगा। S-400 रूस की नई वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली का हिस्सा है, जो 2007 में रूसी सेना में तैनात की गई थी।

भारत और रूस के बीच S-400 एयर डिफेंस मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए 39 हजार करोड़ रुपए का का करार होगा। S-400 के पास अमेरिका के सबसे एडवांस्ड फाइटर जेट एफ-35 को गिराने की भी कैपिसिटी है। चीन ने भी रूस से ही यह डिफेंस सिस्टम खरीदा था। फिलहाल चीन की आर्मी इसका इस्तेमाल करती है।

S-400 ट्रायंफ लॉन्ग-रेंज एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम में दुश्मन के आने वाले लड़ाकू विमानों, मिसाइलों और यहां तक कि 400 किलोमीटर तक की ऊंचाई पर उड़ रहे ड्रोन को नष्ट कर सकता है। भारत की सैन्य प्रणाली में एस-400 के शामिल होने से उसकी ताकत कई गुना बढ़ जाएगी।

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