यूपी में नेतागिरी दिल्ली में जालसाजी

नई दिल्ली, इंडिया विस्तार। यह दो लोगों का गैंग है। नाम है मेहताब और आकिब। दिल्ली पुलिस का आरोप है कि दोनों यूपी में राजनीति और दिल्ली में जालसाजी का रैकेट चला रहे थे। दिल्ली की कमला मार्किट पुलिस ने दोनों को हैदराबाद के एक शख्स के साथ जालसाजी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दो लोगों का यह गैंग ओएलएक्स पर पुरानी कार का सौदा कर ग्राहक को दिल्ली के होटल में बुला लेते थे। फिर जैसे ही ग्राहक सो जाता उसकी रकम और कार लेकर फरार हो जाते थे।

पुलिस के मुताबिक मेहताब पंचायत का चुनाव लड़ने वाला है जबकि आकिब चुनाव लड़ चुका है। दोनों ही राजनीति में अच्छा रसूख रखते हैं। दोनों मेरठ के आसिल पुर के रहने वाले हैं।

जानकारी के मुताबिक मेहताब ने अपने फूफा की फॉर्च्यूनर कार  को बेचने के लिए ओएलएक्स  पर फ़ोटो डाला। इस विज्ञापन को देखकर हैदराबाद निवासी सुल्तान नाम के युवक ने इनसे सम्पर्क किया। कार का सौदा 4 लाख 60 हज़ार में तय हुआ। कार देखने के लिए सुल्तान को दिल्ली के अजमेरी गेट बुलाया गया। सुल्तान हैदराबाद से दिल्ली आ गया और अजमेरी गेट के पास कार का जांच पड़ताल कर ली। इसके बाद मेहताब और आकिब ने सुलतान से 2 लाख 60 हज़ार रुपये नकद ले लिए और 2 लाख ऑनलाइन अथर नाम के शख्स के खाते में भिजवा दी ।

जब गाड़ी की खरीद फरोख्त की रकम का लेन देन हो गया तो सुल्तान ने गाड़ी मांगी तो इन लोगो ने एनओसी के लिए एक दिन की मोहलत मांगी।

मेहताब और आकिब 3 सितम्बर की रात एक दिन के लिए पहाड़ गंज के होटल गुरूवास में कमरा लेकर रुके। इसी रात जब सुल्तान सो गया तो आधी रात के वक्त कार और रकम लेकर फरार हो गए। सुल्तान जब सोकर उठा तो दोनों कार और रकम सहित नदारद थे।

सुल्तान ने इस बाबत कमला मार्किट थाने में शिकायत दर्ज करवाई। एसएचओ सुनील कुमार और सब इंस्पेक्टर निशांत दहिया ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए पहले अजमेरी गेट के सीसीटीवी देखे मगर कुछ पता नहीं चला। इसके बाद होटल में लगे सीसीटीवी  कैमरों से तस्वीरे ली गई। फोन कॉल की डिटेल  निकाली गई और जिस खाते में पैसा ट्रांसफर करवाया गया था उसकी पूरी जानकारी लेकर पता चला यह अथर नाम का शख्स है। उसका पता निकाला गया और पुलिस ने सिविल ड्रेस में मेरठ अपना अपना सिपाही रेकी के लिए भेजा। सिपाही ललित ने रेकी करके आरोपियों के आवाजाही पर नज़र रखनी शुरू की और फिर दिल्ली से आई पुलिस टीम ने मौका पाकर धर दबोचा। पहले मेहताब को पकड़ा गया इसके बाद आकिब को भी गिरफ्तार कर लिया गया। मेहताब इस फ़र्ज़ीवाडे में अपने भाई अधर के फोन और ऑन लाइन अकाउंट का इस्तेमाल करता था ।

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21-07-2026