बतीस जिलों में गठित होगा युवा स्वयंसेवियों का डिसास्टर रिस्पांस टीम

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नई दिल्ली, ईंडिया विस्तार। युवा कार्य विभाग के अंतर्गत नेहरू युवा केन्द्र संगठन (एनवाईकेएस) राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ) के सहयोग से आपदा जोखिम कम करने के लिए एनवाईकेएस युवा स्वयंसेवियों का आपदा अनुक्रिया बल तैयार करेगा। एनडीआरएफ द्वारा चयनित खतरे की आशंका वाले जिलों में ब्लॉक स्तर का आपदा अनुक्रिया बल तैयार करके संस्थागत व्यवस्था बनाई जाएगी। एनडीआरएफ, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के सहयोग से चरणबद्ध तरीके ऐसे जिलों को कवर किया जाएगा। किसी भी आपदा में लोगों की जान बचाने, नुकसान पर काबू पाने और दूसरी आपदाओं की रोकथाम के लिए त्वरित कार्रवाई करनी होती है। प्रभावित समुदाय हमेशा पहले कार्य करता है। अधिकतर उदाहरणों में यह बिना संगठित व्यवस्था के तुरंत कार्रवाई की जाती है।

आपदा की स्थिति में राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल, राज्य आपदा अनुक्रिया बल और पुलिस, दमकल सेवा सहित संगठित सेवाएं आपदा स्थल पर कुछ समय बाद पहुंचती है। इस बीच स्वयंसेवियों का समूह न केवल प्रारंभिक राहत और बचाव कार्य करता है बल्कि प्रभावित समुदाय और संस्थानों के बीच सेतू का काम करता है। प्रारंभ में 28 राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के संभावित खतरे वाले 32 जिलों में पायलट आधार पर ब्लॉक स्तरीय आपदा अनुक्रिया दल बनाकर इसे संस्थागत रूप दिया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक में 30 युवा स्वयंसेवी चुने जाएंगे, लगभग 8850 स्वयंसेवियों को 2019-20 के दौरान एनडीआरएफ की 12 बटालियन में 6 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। एनवाईकेएस और एनडीआरएफ के बीच एक समझौता ज्ञापन किया गया है जिसके अंतर्गत अगले पांच वर्षों के लिए एनवाईकेएस के युवा स्वयंसेवियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। आशा है कि यह 2024 तक 50,000 से अधिक युवा एनवाईकेएस से जुड़ेगे।

नौ अगस्त, 2019 को एनडीआरएफ तथा एनवाईकेएस द्वारा 28 राज्यों के निदेशकों तथा 32 जिलों के जिला युवा समन्वयकर्ताओं का एक वीडियों कॉन्फ्रेंस किया गया और उन्हें परियोजना की जानकारी दी गई। 19 अगस्त, 2019 को गाजियाबाद में राज्य निदेशकों और जिला युवा समन्वयकर्ताओं की कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें हितधारकों के बीच व्यापक विचार-विमर्श किया गया ताकि वे अपने-अपने राज्यों और जिलों में प्रेरक और नेतृत्वकर्ता के रूप में अपनी जिम्मेदारी समझें।

आपदा जोखिम में कमी के लिए एनवाईकेएस के स्वयंसेवियों के डीआरटी के पहले बैच को दो सितंबर, 2019 से प्रशिक्षण दिया जा रहा है और यह प्रशिक्षण सात सितंबर, 2019 तक चलेगा। 13 जिलों के नेहरू युवा केन्द्रों ने 30-30 स्वयंसेवियों को भेजा है। लगभग 390 स्वयंसेवक प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं। इनमें 100 से अधिक महिला स्वयंसेवी है।

एनडीआरएफ द्वारा एक व्यापक पाठ्यक्रम तैयार किया गया है जिसमें बचाव मूल्यांकन, बीएलएस तथा सीपीआर, सर्पदंश, अग्नि सुरक्षा, सामूहिक अभ्यास आदि शामिल हैं।

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